टेबल टेनिस: भारत के अभिनंद-दिव्यांशी बने U-19 में वर्ल्ड नंबर-1

भारतीय टेबल टेनिस (Table Tennis) के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली खबर सामने आई है। देश की युवा और प्रतिभाशाली जोड़ी पीबी अभिनंद (PB Abhinandh) और दिव्यांशी भौमिक (Divyanshi Bhowmick) ने अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (International Table Tennis Federation – ITTF) की ताजा अंडर-19 मिक्स्ड डबल्स रैंकिंग में दुनिया का नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करने वाली इस भारतीय जोड़ी ने विश्व पटल पर तिरंगा लहराते हुए शीर्ष पायदान पर कब्जा जमाया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय टेबल टेनिस की युवा पौध वैश्विक स्तर पर कितनी तेजी से उभर रही है और दुनिया के दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रही है।

5360 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंचे भारतीय पैडलर

अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ द्वारा जारी ताजा विश्व रैंकिंग के अनुसार, अभिनंद और दिव्यांशी की भारतीय जोड़ी कुल 5,360 अंकों के साथ विश्व रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज हो गई है। पिछले कुछ समय से दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर असाधारण निरंतरता और शानदार तालमेल दिखाया है। इस मुकाम पर पहुंचना भारतीय जूनियर टेबल टेनिस के इतिहास में एक नया मील का पत्थर माना जा रहा है। दोनों पैडलर्स के आक्रामक खेल और दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखने की क्षमता ने उन्हें विश्व रैंकिंग के शिखर तक पहुंचाया है।

एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक से मिला बड़ा फायदा

इस भारतीय जोड़ी के शीर्ष पर पहुंचने में बैंकॉक (थाईलैंड) में आयोजित आईटीटीएफ-एटीटीयू एशियाई युवा टेबल टेनिस चैंपियनशिप (Asian Youth Table Tennis Championships) के शानदार प्रदर्शन की सबसे अहम भूमिका रही। इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में शीर्ष वरीयता प्राप्त अभिनंद और दिव्यांशी ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चीन की मजबूत जोड़ी यिरेन तांग (Yiren Tang) और यियी जियांग (Yiyi Jiang) को सीधे गेम में हराकर बड़ा उलटफेर किया था। चीनी चुनौती को ध्वस्त कर सेमीफाइनल में जगह पक्की करने के साथ ही उन्होंने भारत के लिए कांस्य पदक सुरक्षित किया था। इस टूर्नामेंट से मिले भारी-भरकम रैंकिंग अंकों ने उन्हें वैश्विक रैंकिंग में नंबर-1 पायदान तक पहुंचाया।

अभिनंद और दिव्यांशी का व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी बेमिसाल

दोनों ही खिलाड़ी युगल के साथ-साथ व्यक्तिगत एकल स्पर्धाओं में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं:

  • दिव्यांशी भौमिक: दिव्यांशी ने ताशकंद में एशियाई युवा चैंपियनशिप में अंडर-15 एकल का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर 36 साल बाद यह कारनामा करने वाली पहली भारतीय होने का गौरव प्राप्त किया था। इसके अलावा वह प्रिस्टिना में डब्ल्यूटीटी फीडर महिला एकल खिताब जीतने वाली सबसे युवा भारतीय बनीं और हाल ही में चेन्नई में डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर का अंडर-19 खिताब भी अपने नाम किया।
  • पीबी अभिनंद: तमिलनाडु के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अभिनंद ने नॉर्वे के सैंडेफजॉर्ड में डब्ल्यूटीटी यूथ कंटेंडर में अंडर-19 एकल और मिक्स्ड डबल्स दोनों खिताब जीते थे। इसके अतिरिक्त उन्होंने दोहा में आयोजित डब्ल्यूटीटी यूथ स्टार कंटेंडर में अंडर-19 मिक्स्ड डबल्स का स्वर्ण पदक जीता था और हाल ही में चेन्नई में अंडर-19 एकल स्पर्धा में उपविजेता रहे।
  • वैश्विक प्रतियोगिताओं की तैयारी: दोनों खिलाड़ी आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और विश्व युवा चैंपियनशिप (World Youth Championships) से पहले इस समय शानदार लय में नजर आ रहे हैं।

भारतीय टेबल टेनिस के स्वर्णिम भविष्य की मजबूत नींव

भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (Table Tennis Federation of India – TTFI) और खेल प्रशंसकों के लिए अभिनंद और दिव्यांशी की यह सफलता बेहद उत्साहजनक है। अचंत शरथ कमल (Achanta Sharath Kamal), मनिका बत्रा (Manika Batra) और साथियान ज्ञानशेखरन (Sathiyan Gnanasekaran) जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के पदचिह्नों पर चलते हुए अब नई पीढ़ी भी विश्व पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ रही है। अंडर-19 स्तर पर दुनिया की नंबर-1 जोड़ी बनना यह पुख्ता करता है कि देश में टेबल टेनिस की जमीनी प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पूरी तरह खरी उतर रही हैं और भविष्य में सीनियर स्तर पर भी भारत का परचम लहराने के लिए तैयार हैं।

स्रोत: ttfi.org, thebridge.in, sportskeeda.com, rediff.com, ptinews.com

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