हरमनप्रीत सिंह का 250वां गोल, भारत 8-1 से कोरिया को रौंदकर फाइनल में

मोहाली (पंजाब) के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम (Olympian Balbir Singh Senior International Hockey Stadium) में बुधवार रात खेले गए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 (Asian Champions Trophy 2026) के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने दक्षिण कोरिया (South Korea) को 8-1 के विशाल अंतर से रौंदकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया। इस एकतरफा सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह (Harmanpreet Singh) ने इतिहास रचते हुए सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अपने 250 गोल पूरे किए। घरेलू दर्शकों के जबर्दस्त समर्थन के बीच मुख्य कोच क्रेग फुल्टन (Craig Fulton) की टीम ने मैच के पहले ही क्वार्टर से कोरियाई रक्षापंक्ति को तहस-नहस कर दिया।

‘सरपंच साहब’ की ऐतिहासिक उपलब्धि: पूरे किए 250 अंतरराष्ट्रीय गोल

भारतीय टीम के अनुभवी ड्रैग-फ्लिकर और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मैच के नौवें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारतीय सीनियर टीम के लिए अपना 250वां अंतरराष्ट्रीय गोल दर्ज किया। इस ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंचते ही स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। हॉकी इंडिया (Hockey India) ने सोशल मीडिया पर कप्तान को बधाई देते हुए लिखा कि “सरपंच साहब के लिए 250 अंतरराष्ट्रीय गोल! कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मोहाली में कोरिया के खिलाफ शानदार जीत के दौरान यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।” भारतीय हॉकी इतिहास में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड महान ध्यानचंद (Dhyan Chand) के नाम दर्ज है, जिन्होंने 570 गोल दागे थे। हरमनप्रीत इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और पेनाल्टी कॉर्नर पर उनकी सटीकता विपक्षी टीमों के लिए लगातार पहेली बनी हुई है।

मैदान पर भारतीय फॉरवर्ड्स का तूफान: दागे आठ गोल

भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और कोरियाई रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मैच के चौथे ही मिनट में शिलानंद लाकड़ा (Shilanand Lakra) ने मैदानी गोल कर भारत का खाता खोला। इसके बाद नौवें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत ने बढ़त दोगुनी कर दी। हालांकि उसी मिनट कोरिया की ओर से सांगजुन हान (Sangjun Han) ने गोल कर स्कोर 2-1 करने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद मैदान पर केवल भारतीय टीम का दबदबा देखने को मिला। 13वें मिनट में शिलानंद ने अपना दूसरा गोल दागा।

दूसरे क्वार्टर में दिलप्रीत सिंह (Dilpreet Singh) और सुखजीत सिंह (Sukhjeet Singh) ने कोरियाई रक्षापंक्ति की गलतियों का पूरा फायदा उठाया। 21वें मिनट में दिलप्रीत और सुखजीत दोनों ने गोल किए, जबकि दिलप्रीत ने 25वें मिनट में मैच का अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 6-1 कर दिया। तीसरे क्वार्टर में अंगद बीर सिंह (Angad Bir Singh) ने 36वें मिनट में गोल दागा, वहीं 54वें मिनट में उपकप्तान विवेक सागर प्रसाद (Vivek Sagar Prasad) ने गोल कर भारत की 8-1 से विशाल जीत पर मुहर लगा दी।

सेमीफाइनल मुकाबले की प्रमुख झलकियां

  • ऐतिहासिक मुकाम: कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने सीनियर अंतरराष्ट्रीय करियर का 250वां गोल पूरा किया।
  • आक्रामक प्रदर्शन: शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो बेहतरीन मैदानी गोल दागे।
  • कोरिया बेबस: कोरियाई टीम पूरे 60 मिनट में एक भी पेनाल्टी कॉर्नर हासिल करने में नाकाम रही, जबकि भारत को चार पेनाल्टी कॉर्नर मिले।
  • जापान की जीत: पहले सेमीफाइनल में जापान ने निर्धारित समय में गोलरहित ड्रॉ के बाद मलेशिया को शूटआउट में 5-3 से हराया।

खिताबी मुकाबले में जापान से होगी भिड़ंत

भारतीय टीम गुरुवार को फाइनल में जापान (Japan) से भिड़ेगी। जापान ने पहले सेमीफाइनल में बेहद कड़े और रक्षात्मक मुकाबले में मलेशिया को पेनाल्टी शूटआउट में 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई है। पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम ने 2011, 2016, 2018 (संयुक्त), 2023 और 2024 में यह खिताब अपने नाम किया था। अब टीम इंडिया अपने घरेलू मैदान पर रिकॉर्ड छठा खिताब जीतने के बेहद करीब पहुंच चुकी है। लीग चरण में अजेय रहने के बाद सेमीफाइनल में जिस तरह की फॉर्म भारतीय टीम ने दिखाई है, उससे फाइनल में जापान के खिलाफ भारत का पलड़ा भारी माना जा रहा है।

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