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एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: जापान को 4-1 से हराकर भारत छठी बार बना चैंपियन

पंजाब के मोहाली स्थित ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम (Olympian Balbir Singh Senior International Hockey Stadium) में गुरुवार रात खेले गए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 (Asian Champions Trophy 2026) के फाइनल में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान को 4-1 से रौंद दिया। मैच के शुरुआती मिनटों में एक गोल से पिछड़ने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम और आक्रामकता का परिचय दिया। दूसरे हाफ में टीम इंडिया ने लगातार चार गोल दागकर खिताबी मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने रिकॉर्ड छठी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया और टूर्नामेंट में खिताबी हैट्रिक भी पूरी कर ली।

शुरुआती झटके के बाद संभली टीम इंडिया

फाइनल मुकाबले की शुरुआत में जापान ने आक्रामक रुख अपनाते हुए घरेलू दर्शकों को स्तब्ध कर दिया। खेल के तीसरे ही मिनट में काजुमासा मात्सुमोतो (Kazumasa Matsumoto) ने शानदार फील्ड गोल दागकर जापान को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इस झटके के बाद भारतीय रक्षापंक्ति सतर्क हो गई। जापान को मिले पेनल्टी कॉर्नर के मौकों को भारतीय गोलकीपर और डिफेंडरों ने कुशलता से नाकाम किया।

भारतीय टीम के उपकप्तान हार्दिक सिंह (Hardik Singh) के लिए यह मुकाबला बेहद खास था, क्योंकि यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का 200वां मैच था। हार्दिक ने मिडफील्ड में बेहतरीन नियंत्रण बनाए रखा और लगातार फॉरवर्ड लाइन को गेंद की आपूर्ति करते हुए जापान के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। हालांकि, पहले हाफ तक भारतीय फॉरवर्ड मौकों को फिनिश करने में नाकाम रहे और टीम 0-1 से पीछे रही।

दूसरे हाफ में चला भारतीय अटैक का जादू

तीसरे क्वार्टर से भारतीय टीम ने खेल की गति तेज कर दी। 42वें मिनट में आदित्य लालागे (Aditya Lalage) के मूव के बाद मिले रिबाउंड पर शिलानंद लाकड़ा (Shilanand Lakra) ने गोल कर स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। बराबरी हासिल करने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंच गया और चौथे क्वार्टर में जापान की टीम पूरी तरह बिखर गई।

मैच के 48वें मिनट में हार्दिक सिंह के बेहतरीन पास पर दिलप्रीत सिंह (Dilpreet Singh) ने शानदार रिवर्स हिट लगाते हुए गेंद को जापानी गोलपोस्ट में पहुंचाकर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। इसके बाद 53वें मिनट में जुगराज सिंह (Jugraj Singh) ने पेनल्टी कॉर्नर को ताकतवर ड्रैग फ्लिक के जरिए गोल में तब्दील कर स्कोर 3-1 कर दिया। महज एक मिनट बाद 54वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद (Vivek Sagar Prasad) ने सर्कल के शीर्ष से दमदार शॉट लगाकर भारत को 4-1 की निर्णायक बढ़त दिला दी।

फाइनल मुकाबले के प्रमुख बिंदु

एशियाई हॉकी में तिरंगे की मजबूत धमक

भारतीय टीम की यह खिताबी जीत दर्शाती है कि एशियाई स्तर पर टीम इंडिया का कोई सानी नहीं है। फाइनल में जापान जैसी अनुशासित टीम के खिलाफ एक गोल से पिछड़ने के बाद जिस तरह से भारतीय खिलाड़ियों ने वापसी की, वह टीम की मजबूत मानसिक स्थिति को दर्शाता है। मोहाली के खचाखच भरे स्टेडियम में दर्शकों ने अपनी टीम का जबरदस्त उत्साहवर्धन किया। पूरे टूर्नामेंट में भारत का दबदबा यह साबित करता है कि आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए टीम इंडिया की तैयारियां सही दिशा में अग्रसर हैं।

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