जयपाल मालवीय ने जीता रजत पदक, भारत को मिला LA 2028 का पहला कोटा

दोहा (कतर): कतर की राजधानी दोहा में आयोजित इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) विश्व चैंपियनशिप में भारतीय निशानेबाज जयपाल मालवीय (Jaypal Malviya) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। गुरुवार, 5 नवंबर को पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में शानदार धैर्य दिखाते हुए 31 वर्षीय जयपाल ने रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही उन्होंने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 (LA 2028 Olympics) के लिए भारत का पहला आधिकारिक शूटिंग कोटा भी सुरक्षित कर दिया। भारतीय निशानेबाजी दल के लिए यह उपलब्धि बेहद राहत और गर्व लेकर आई है।

फाइनल में दिखाया संयम, दिग्गजों को पीछे छोड़ा

जयपाल मालवीय ने आठ निशानेबाजों के बेहद कड़े फाइनल मुकाबले में कुल 242.2 का स्कोर बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन के प्रतिभाशाली निशानेबाज हू काई (Hu Kai) ने शुरुआत से ही अपनी बढ़त बनाए रखी और 243.9 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, चेक गणराज्य के जिंद्रिच दुबोवी (Jindrich Dubovy) ने 220.9 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा के शीर्ष तीन पदक विजेताओं—चीन, भारत और चेक गणराज्य—ने अपने-अपने देश के लिए 2028 ओलंपिक कोटा हासिल किया।

जयपाल की यह सफलता इसलिए भी अभूतपूर्व है क्योंकि उन्होंने फाइनल में दुनिया के दिग्गज निशानेबाजों को पछाड़ दिया। पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता चीन के शी यू (Xie Yu) सातवें पायदान पर रहे, जबकि इटली के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पाओलो मोना (Paolo Monna) पांचवें स्थान पर बाहर हो गए। दिग्गजों से घिरे होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना पहला फाइनल खेल रहे जयपाल ने गजब का आत्मविश्वास दिखाया।

एलिमिनेशन राउंड में शानदार वापसी

क्वालिफिकेशन राउंड में जयपाल ने छह सीरीज के दौरान 585 का मजबूत स्कोर बनाया और तीसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में शुरुआत में वह 12वें शॉट के बाद पांचवें पायदान पर फिसल गए थे। इसके बाद उन्होंने दबाव को दरकिनार करते हुए 13वें और 14वें शॉट पर 10.6 और 10.2 का स्कोर लगाया। 15वें और 16वें शॉट पर उन्होंने क्रमशः 10.7 और 10.8 के सटीक निशाने साधकर सीधे पदक की दावेदारी मजबूत कर ली।

खेतों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से संबंध रखने वाले जयपाल मालवीय की कहानी खेल जगत के लिए बेहद प्रेरक है। किसान परिवार से आने वाले जयपाल खुद सोयाबीन, मक्का और गेहूं की खेती करते हैं। निशानेबाजी के अपने जुनून को पूरा करने के लिए उन्होंने खेती की कमाई से करीब 1.05 लाख रुपये में पुरानी वाल्थर (Walther) पिस्टल खरीदी थी। खेल में देर से कदम रखने के बावजूद वह घरेलू ट्रायल्स में शानदार प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में पहुंचे। इससे पहले उन्होंने केवल हांगझोउ विश्व कप में हिस्सा लिया था, जहां वह नौवें स्थान पर रहे थे।

मुकाबले की मुख्य झलकियां

  • रजत पदक और कोटा: जयपाल मालवीय ने 242.2 स्कोर के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल में रजत पदक जीतकर भारत को पहला एलए 2028 कोटा दिलाया।
  • चीन को सोना: चीन के हू काई ने 243.9 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
  • ओलंपिक मेडलिस्ट्स पर भारी: पेरिस ओलंपिक चैंपियन शी यू सातवें और पाओलो मोना पांचवें स्थान पर सिमट गए।
  • कोच और परिजनों का आभार: पदक जीतने के बाद जयपाल ने अपनी प्रगति में कोच समरेश जंग (Samaresh Jung), माता-पिता, मध्य प्रदेश सरकार, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और ओजीक्यू (OGQ) की भूमिका की सराहना की।

भारतीय दल के लिए संजीवनी बनी यह जीत

दोहा में जारी इस विश्व चैंपियनशिप में भारतीय दल का अभियान चुनौतीपूर्ण मोड़ से गुजर रहा था। भारत 10 मीटर एयर राइफल और अन्य पिस्टल स्पर्धाओं में ओलंपिक कोटा हासिल करने से चूक गया था। महिला वर्ग में स्टार निशानेबाज मनु भाकर और सुरुचि इंदर सिंह भी शीर्ष स्थान हासिल करने में नाकाम रही थीं। ऐसे माहौल में जयपाल के इस पदक और ओलंपिक कोटे ने भारतीय शूटिंग दल के अभियान में नई जान फूंक दी है।

स्रोत: hindustantimes.com, aninews.in, newindianexpress.com, theprint.in, indianexpress.com

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