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प्रो कबड्डी लीग 2026 रद्द, मीडिया राइट्स विवाद के चलते टला सीजन 13

प्रो कबड्डी लीग 2026 रद्द, मीडिया राइट्स विवाद के चलते टला सीजन 13

प्रतीकात्मक चित्र – Pixabay (lograstudio)

देश के लाखों कबड्डी प्रेमियों के लिए एक बड़ा और अप्रत्याशित झटका सामने आया है। भारत की सबसे लोकप्रिय फ्रेंचाइजी प्रतियोगिताओं में शुमार प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League – PKL) का 13वां सीजन साल 2026 में आयोजित नहीं किया जाएगा। लीग के आयोजकों, 12 फ्रेंचाइजी टीमों और आधिकारिक ब्रॉडकास्टर जियोस्टार (JioStar) के बीच मीडिया अधिकारों को लेकर समय पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। साल 2014 में शुरू हुई इस प्रतिष्ठित लीग के इतिहास में यह केवल दूसरा मौका है जब किसी कैलेंडर वर्ष में इसका आयोजन नहीं होगा; इससे पहले साल 2020 में कोरोना महामारी (COVID-19 pandemic) के चलते टूर्नामेंट को स्थगित करना पड़ा था।

मीडिया राइट्स और 50 फीसदी कटौती पर फंसा पेंच

मशाल स्पोर्ट्स (Mashal Sports), फ्रेंचाइजी मालिकों और ब्रॉडकास्टर के बीच नए अनुबंध को लेकर बीते मई 2026 से ही बातचीत जारी थी। दरअसल, सीजन 8 से सीजन 12 तक के लिए किया गया पांच वर्षीय मीडिया राइट्स अनुबंध करीब ₹905 करोड़ का था, जिसकी मियाद अक्टूबर 2025 में सीजन 12 के समापन के साथ समाप्त हो गई थी। सीजन 12 के रोमांचक फाइनल में दबंग दिल्ली के.सी. (Dabang Delhi K.C.) ने पुणेरी पल्टन (Puneri Paltan) को 31-28 से हराकर खिताब जीता था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, नए चक्र के लिए ब्रॉडकास्टर जियोस्टार ने पिछले अनुबंध की तुलना में करीब 50 फीसदी कम फीस की पेशकश रखी, जिस पर फ्रेंचाइजी मालिक सहमत नहीं हुए। खुले बाजार में अन्य प्रसारकों की ओर से भी पर्याप्त रुचि न दिखने के कारण पेंच फंस गया। हालांकि बातचीत आगे बढ़ चुकी है, लेकिन समय की कमी के कारण इस साल प्रतियोगिता आयोजित न करने का फैसला लिया गया।

तेलुगु टाइटंस के मालिक ने की पुष्टि

हैदराबाद स्थित फ्रेंचाइजी तेलुगु टाइटंस (Telugu Titans) के मालिक श्रीनिवास श्रीरामनेनी (Srinivas Sreeramaneni) ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता अब अंतिम चरण में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रॉडकास्टर और टीमों के बीच राजस्व साझा करने और न्यूनतम गारंटी देने के फॉर्मूले पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अंतिम वित्तीय आंकड़ों का तय होना बाकी है।

श्रीनिवास ने बताया कि मशाल स्पोर्ट्स, टीमों और ब्रॉडकास्टर की एक समिति सभी औपचारिकताओं को सुलझाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि लीग को बार-बार टालना खेल और ब्रॉडकास्टर दोनों के हित में नहीं है, इसलिए सभी पक्षों ने सोच-समझकर ठोस रणनीति बनाने के लिए यह विराम लिया है।

पुराने फॉर्मेट और दो सत्रों की वापसी पर विचार

आयोजक और टीम मालिक इस अंतराल का उपयोग लीग के प्रारूप की समीक्षा करने के लिए कर रहे हैं। शुरुआती वर्षों में मिली अपार सफलता को देखते हुए कुछ अहम बदलावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है:

अब 2027 में मैट पर लौटने की संभावना

जापान के आइची-नागोया में संपन्न एशियाई खेल 2026 (Asian Games 2026) में भारत की पुरुष और महिला टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। ऐसे माहौल में देश की सबसे बड़ी कबड्डी लीग का टलना प्रशंसकों और खिलाड़ियों दोनों के लिए निराशाजनक है। हालांकि, स्टेकहोल्डर्स को पूरी उम्मीद है कि प्रो कबड्डी लीग साल 2027 के मध्य (जून-जुलाई) में नए वित्तीय स्वरूप और अधिक चुस्त फॉर्मेट के साथ मैट पर दमदार वापसी करेगी।

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