ISSF विश्व चैंपियनशिप: शाम्भवी अयोग्य घोषित, भारत पदक से चूका

दोहा (कतर) में आयोजित की जा रही प्रतिष्ठित आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप (ISSF World Championships) के दूसरे दिन बुधवार को भारतीय निशानेबाजी दल को करारा झटका लगा। 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारत की शाम्भवी क्षीरसागर (Shambhavi Kshirsagar) को परिधान व उपकरण (किट) नियमों के उल्लंघन के चलते अयोग्य (Disqualified) घोषित कर दिया गया। इसके कारण शाम्भवी और उनके जोड़ीदार पार्थ माने (Parth Mane) की फाइनल में पहुंचकर पदक जीतने की उम्मीदों पर पानी फिर गया। बुधवार का दिन भारतीय दल के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ, क्योंकि मिक्स्ड राइफल और 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल दोनों ही स्पर्धाओं में भारत कोई पदक या ओलंपिक कोटा हासिल करने में नाकाम रहा।

पोशाक के कड़ेपन के चलते शाम्भवी पर गिरी गाज

आईएसएसएफ के कड़े नियमों के अनुसार, राइफल निशानेबाज अपने शरीर को स्थिर रखने, मांसपेशियों की हलचल कम करने और भारी राइफल को संतुलित करने के लिए विशेष रूप से तैयार सख्त जैकेट और ट्राउजर पहनते हैं। प्रतियोगिता के बाद हुए निरीक्षण में शाम्भवी की पोशाक का कड़ापन (Stiffness) निर्धारित मानक से अधिक पाया गया। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) ने नियम 6.7.9.1.a के तहत उन्हें तुरंत अयोग्य करार दिया। इस स्पर्धा में शिरकत कर रही कुल 63 टीमों (126 निशानेबाजों) में से केवल भारतीय जोड़ी ही इस नियम की जद में आकर बाहर हुई।

यह लगातार दूसरा मौका है जब शाम्भवी को उपकरण नियमों के उल्लंघन के कारण अयोग्यता का सामना करना पड़ा है। इससे पूर्व जून 2026 में जर्मनी के सुहल (Suhl) में आयोजित जूनियर विश्व चैंपियनशिप के दौरान भी उन्हें इसी तरह की तकनीकी खामी के कारण अयोग्य ठहराया गया था, जिससे भारतीय महिला टीम पदक की दौड़ से बाहर हो गई थी। पांच महीने के भीतर दोबारा ऐसा होना भारतीय शूटिंग प्रबंधन और सहयोगी स्टाफ की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सोनम-हिमांशु सातवें स्थान पर, पिस्टल निशानेबाज भी चूके

10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत की दूसरी जोड़ी सोनम उत्तम मस्कर (Sonam Uttam Maskar) और हिमांशु ढिल्लों (Himanshu Dhillon) भी चार टीमों वाले फाइनल में जगह बनाने से चूक गई। क्वालिफिकेशन राउंड में सोनम ने 316.6 और हिमांशु ने 315.8 का स्कोर बनाया। दोनों का कुल योग 632.4 अंक रहा, जिसके दम पर वे सातवें स्थान पर रहे और शीर्ष चार से बाहर हो गए।

उधर पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में भी भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन बेहद फीका रहा। दो दिनों तक चले क्वालिफिकेशन दौर के बाद भारत का कोई भी निशानेबाज आठ खिलाड़ियों के फाइनल में प्रवेश नहीं कर सका:

  • भावेश शेखावत (Bhavesh Shekhawat): 582 अंकों के साथ भारत के शीर्ष निशानेबाज रहे, लेकिन फाइनल कट से बाहर रहे।
  • गुरप्रीत सिंह (Gurpreet Singh): 579 अंकों के साथ 18वें स्थान पर समाप्त किया।
  • सूरज शर्मा (Suraj Sharma): 571 अंकों के कुल स्कोर के साथ 35वें स्थान पर रहे।
  • टीम स्पर्धा: भारतीय तिकड़ी कुल 1,732 अंकों के साथ टीम तालिका में छठे स्थान पर रही।

लॉस एंजिल्स 2028 कोटे की तलाश अभी अधूरी

दोहा में चल रही यह विश्व चैंपियनशिप लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक (LA 2028 Olympics) के क्वालिफिकेशन चक्र की आधिकारिक शुरुआत है। टूर्नामेंट में केवल व्यक्तिगत ओलंपिक स्पर्धाओं के पदकों से ही ओलंपिक कोटा सुरक्षित किया जा सकता है। भारत को पहले दिन गैर-ओलंपिक स्पर्धाओं में सफलता जरूर मिली थी, लेकिन ओलंपिक कोटे और व्यक्तिगत ओलंपिक पदकों के लिहाज से दूसरा दिन पूरी तरह खाली रहा। लगातार हो रहे किट विवादों और अयोग्यता की घटनाओं ने राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के लिए आत्ममंथन की स्थिति पैदा कर दी है, ताकि आने वाले दिनों में देश के अन्य निशानेबाज ऐसी तकनीकी चूकों का शिकार न बनें।

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