भारत की अनुभवी भाला फेंक (Javelin Throw) एथलीट अन्नु रानी (Annu Rani) के घुटने की कतर (Qatar) की राजधानी दोहा (Doha) में सफल सर्जरी हुई है। लगभग एक साल से घुटने के असहनीय दर्द और चोट से जूझ रहीं 34 वर्षीय ओलंपियन ने अस्पताल के बिस्तर से अपनी तस्वीर साझा करते हुए ट्रैक एंड फील्ड पर जोरदार वापसी करने का दृढ़ संकल्प जताया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ से ताल्लुक रखने वाली अन्नु ने स्पष्ट किया कि आगे का सफर कठिन जरूर है, लेकिन देश के लिए दोबारा खेलने का उनका जज्बा और सपना पूरी तरह जीवित है।
चोट और दर्द से भरा रहा पिछला सत्र
अन्नु रानी के लिए पिछला सत्र शारीरिक समस्याओं और चोटों से घिरा रहा। वह पिछले लगभग एक वर्ष से घुटने की निरंतर तकलीफ से जूझ रही थीं, जिसका सीधा असर उनके थ्रो और तकनीक पर देखने को मिला। इस वर्ष आठ अलग-अलग प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बावजूद वह 60 मीटर के आंकड़े को पार करने में सफल नहीं हो सकीं। चोट के बावजूद उन्होंने प्रतिस्पर्धा जारी रखने का भरसक प्रयास किया, लेकिन दर्द की गंभीरता को देखते हुए आखिरकार उन्हें ऑपरेशन का निर्णय लेना पड़ा।
हाल ही में जापान के आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) में आयोजित एशियाई खेलों (Asian Games) में भी वह हिस्सा नहीं ले पाई थीं। सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडियन एथलेटिक्स फाइनल सीरीज’ में उन्होंने 57.50 मीटर का थ्रो कर अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था। हालांकि, यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (Athletics Federation of India – AFI) द्वारा तय 57.62 मीटर के क्वालीफाइंग मानक से मात्र 12 सेंटीमीटर कम रह गया था, जिसके चलते वह भारतीय दल में जगह बनाने से चूक गई थीं।
‘सपना अब भी जिंदा है’: अस्पताल से भावुक संदेश
दोहा के चिकित्सा केंद्र में सफल सर्जरी के उपरांत अन्नु रानी ने सोशल मीडिया मंच पर अपने प्रशंसकों और खेल प्रेमियों के लिए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि सर्जरी पूरी तरह सफल रही है और अब उनका ध्यान पूरी तरह सुधार और पुनर्वास पर केंद्रित है।
अन्नु ने अपने संदेश में कहा, “मुझे अच्छी तरह पता है कि चोट के बाद वापसी की राह आसान नहीं होगी, लेकिन एक बार फिर भारत का प्रतिनिधित्व करने की मेरी इच्छाशक्ति बेहद मजबूत है। मेरा सपना अभी भी जीवित है और मैं कड़ा परिश्रम करके फिर से मैदान पर लौटूंगी।” उनके इस हौसले की देश के खेल जगत, एथलीटों और समर्थकों ने खूब सराहना की है।
अन्नु रानी की प्रमुख उपलब्धियां
अन्नु रानी भारतीय महिला भाला फेंक के इतिहास की सबसे सफलतम एथलीटों में शुमार हैं। उन्होंने वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाया है:
- एशियाई खेल 2022 (हांगझोउ): ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए महिला भाला फेंक स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता।
- एशियाई खेल 2014 (इंचियोन): अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाते हुए कांस्य पदक हासिल किया।
- राष्ट्रमंडल खेल 2022 (बर्मिंघम): 60 मीटर का शानदार थ्रो कर कांस्य पदक जीता और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला जैवलिन थ्रोअर बनीं।
- ओलंपिक में दो बार भागीदारी: टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
- राष्ट्रीय रिकॉर्ड: महिला भाला फेंक में लंबे समय तक राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित रखा।
पुनर्वास प्रक्रिया और वापसी की उम्मीद
चिकित्सकों की देखरेख में अन्नु रानी को अगले कुछ सप्ताह तक पूर्ण आराम की सलाह दी गई है। इसके पश्चात उनका विशेष फिजियोथेरेपी और गहन पुनर्वास (Rehabilitation) कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की माटी से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में तिरंगा लहराने वाली इस स्टार एथलीट के जुझारूपन को देखते हुए खेल प्रेमियों को पूरा भरोसा है कि वह जल्द ही पूर्ण फिटनेस हासिल कर मैदान में धमाकेदार वापसी करेंगी।
