कुश्ती: विश्व चैंपियन मनीषा भानवाला सम्मानित, बोलीं- ‘गोल्ड कैसे छोड़ती’

कुश्ती: विश्व चैंपियन मनीषा भानवाला सम्मानित, बोलीं- 'गोल्ड कैसे छोड़ती'
प्रतीकात्मक चित्र – Pixabay (herbert2512)

चंडीगढ़। कजाकिस्तान के अस्ताना (Astana) में आयोजित सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप 2026 (Senior World Wrestling Championships 2026) में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय महिला पहलवान मनीषा भानवाला (Manisha Bhanwala) का स्वदेश लौटने पर जोरदार स्वागत हुआ। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) और खेल मंत्री गौरव गौतम ने चंडीगढ़ में मनीषा को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। मनीषा भारत की पहली ऐसी महिला पहलवान बन गई हैं, जिन्होंने सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

0-6 से पिछड़ने के बाद रची अविश्वसनीय वापसी की कहानी

महिलाओं के 59 किग्रा फ्रीस्टाइल भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में मनीषा ने जो जज्बा दिखाया, वह कुश्ती के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। खिताबी मुकाबले में उनका सामना अमेरिका की दिग्गज पहलवान अबिगेल एलिजाबेथ नेट (Abigail Elizabeth Nette) से था। मुकाबले के शुरुआती दौर में अमेरिकी पहलवान ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 6-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी। एक समय ऐसा लग रहा था कि स्वर्ण पदक भारत के हाथ से फिसल चुका है।

इसके बावजूद मनीषा ने अपना मानसिक संतुलन नहीं खोया। दूसरे दौर में उन्होंने रणनीति बदलकर विरोधी पहलवान पर जोरदार हमले बोले। लगातार टेकडाउन और बेहतरीन दांव-पेच के दम पर मनीषा ने पहले स्कोर 6-6 से बराबर किया और फिर अंतिम क्षणों में दो और अंक जुटाकर मुकाबला 8-6 से अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ मनीषा ने 16 साल का सूखा खत्म किया। उनसे पहले भारत के लिए सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में एकमात्र स्वर्ण पदक 2010 में दिग्गज पहलवान सुशील कुमार (Sushil Kumar) ने 66 किग्रा भार वर्ग में जीता था।

‘गोल्ड इतना करीब था, उसे कैसे जाने देती’

अपनी इस ऐतिहासिक जीत के बाद मनीषा ने फाइनल के तनावपूर्ण पलों को याद करते हुए कहा कि जब वह मैच में पिछड़ रही थीं, तब भी उनके भीतर विश्वास कायम था। उन्होंने कहा, ‘फाइनल में जब मैं काफी अंकों से पीछे थी, तब भी मेरे दिमाग ने मुझसे कहा कि अब रुकना नहीं है। तू ही जीतेगी क्योंकि तूने इसी दिन के लिए दिन-रात पसीना बहाया है। स्वर्ण पदक मेरे इतने करीब था, मैं उसे अपने हाथ से कैसे जाने दे सकती थी।’

जीत के तुरंत बाद मनीषा ने मैट पर फुटबॉल स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) के मशहूर ‘सीयू’ (Siuuu) अंदाज में जश्न मनाया। उन्होंने बताया कि वह अपने दिवंगत पिता सुरेश भानवाला को यह जीत समर्पित करती हैं, जिनका वर्ष 2022 में निधन हो गया था। मुकाबले से पहले उन्होंने अपने पिता की स्मृति में एक विशेष टी-शर्ट भी पहनी थी। मनीषा ने कहा कि उनके पिता हमेशा उनके सबसे बड़े मार्गदर्शक और ताकत रहे हैं।

हरियाणा सरकार ने किया सम्मानित, अब ओलंपिक पर निगाहें

सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मनीषा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस उपलब्धि ने पूरे देश और प्रदेश का मान वैश्विक स्तर पर बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने मनीषा को भविष्य के बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और ओलंपिक खेलों में देश के लिए शीर्ष पदक जीतने के लिए प्रेरित किया। मनीषा ने कहा कि राज्य सरकार और प्रशंसकों के स्नेह से उनका हौसला कई गुना बढ़ गया है तथा उनका अगला सबसे बड़ा लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक पोडियम पर तिरंगा लहराना है।

भारतीय दल का ऐतिहासिक प्रदर्शन

  • मनीषा भानवाला सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं।
  • 59 किग्रा वर्ग के फाइनल में उन्होंने अमेरिकी पहलवान अबिगेल नेट को 0-6 से पिछड़ने के बाद 8-6 से पराजित किया।
  • भारत ने महिला फ्रीस्टाइल वर्ग में कुल 4 पदक (एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य) जीते, जिसमें काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने रजत तथा तनु शर्मा ने 72 किग्रा में कांस्य पदक हासिल किया।
  • सीनियर स्तर पर भारत का विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में यह केवल दूसरा स्वर्ण पदक है, जो सुशील कुमार के 2010 के खिताब के 16 वर्ष बाद आया है।
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