विश्व मुक्केबाजी जगत के सबसे तकनीकी और सम्मानित मुक्केबाजों में शुमार वासीली लोमाचेंको (Vasiliy Lomachenko) ने संन्यास से वापसी का सनसनीखेज फैसला लेकर खेल प्रेमियों को चौंका दिया है। दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और तीन अलग-अलग भार वर्गों में विश्व चैंपियन रह चुके यूक्रेन के इस 38 वर्षीय दिग्गज ने आधिकारिक तौर पर पेशेवर बॉक्सिंग रिंग में लौटने की घोषणा कर दी है। लोमाचेंको ने अपने जाने-माने प्रमोटर टॉप रैंक (Top Rank) के साथ एक बहुवर्षीय सह-प्रचार अनुबंध (co-promotional agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस नई साझेदारी के तहत वह अपनी प्रमोशनल कंपनी ‘लोमा पावर प्रमोशंस’ के बैनर तले वर्ष 2027 की शुरुआत में सुपर फेदरवेट (130 पाउंड) श्रेणी में रिंग में दोबारा उतरेंगे।
टॉप रैंक के साथ बहुवर्षीय अनुबंध पर किए हस्ताक्षर
लोमाचेंको ने जून 2025 में 37 वर्ष की उम्र में पेशेवर मुक्केबाजी से संन्यास की घोषणा की थी। उस समय चोटों और लंबे करियर की शारीरिक थकान के चलते उन्होंने ग्लव्स टांगने का फैसला किया था। हालांकि, रिंग से करीब 17 महीने दूर रहने के बाद उन्होंने एक बार फिर खुद को सबसे बड़े मंच पर साबित करने का मन बनाया है। लास वेगास में इस करार की घोषणा करते हुए टॉप रैंक के चेयरमैन बॉब अरुम (Bob Arum) ने कहा कि लोमाचेंको मुक्केबाजी इतिहास के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक हैं और उनके लौटने से सुपर फेदरवेट वर्ग में जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।
अपनी वापसी पर प्रतिक्रिया देते हुए लोमाचेंको ने अपने मैनेजर एगिस कलिमास (Egis Klimas) का आभार व्यक्त किया। लोमाचेंको ने कहा, “ईश्वर के रास्ते रहस्यमयी होते हैं। मैंने सोचा था कि मैं एक बॉक्सर के रूप में कभी रिंग में कदम नहीं रखूंगा, लेकिन प्रभु की मेरे लिए अलग योजना थी। मैं एक बार फिर मुक्केबाजी के इस जीवन को जीने के लिए बेहद खुश हूं।” उन्होंने बताया कि जब वह मान चुके थे कि उनका करियर खत्म हो गया है, तब भी कलिमास ने विश्वास नहीं खोया और उन्हें दोबारा खेल में लाने के लिए अथक प्रयास किए।
अविवादित चैंपियन बनने का अधूरा सपना पूरा करने का लक्ष्य
लोमाचेंको की इस वापसी का मुख्य मकसद किसी साधारण फाइट का हिस्सा बनना नहीं, बल्कि अपने करियर के सबसे बड़े अधूरे लक्ष्य को हासिल करना है। वह अपने सुनहरे सफर में फेदरवेट, सुपर फेदरवेट और लाइटवेट तीनों वर्गों में विश्व खिताब जीत चुके हैं, लेकिन वह कभी चारों प्रमुख बेल्ट्स को एक साथ जीतकर अविवादित (undisputed) चैंपियन नहीं बन सके। वर्ष 2023 में लाइटवेट श्रेणी में डेविन हैनी के खिलाफ मुकाबले में वह बेहद नजदीकी फैसले से इस ऐतिहासिक उपलब्धि से चूक गए थे। अब वह 130 पाउंड भार वर्ग में उतरकर इस सपने को सच करना चाहते हैं।
लोमाचेंको की इस बहुप्रतीक्षित वापसी से जुड़े अहम बिंदु इस प्रकार हैं:
- संन्यास का फैसला पलटा: जून 2025 में संन्यास लेने वाले लोमाचेंको ने 17 महीने बाद पेशेवर मुक्केबाजी में वापसी की पुष्टि की।
- भार वर्ग में बदलाव: वह लाइटवेट छोड़कर सुपर फेदरवेट (130 पाउंड) में प्रतिस्पर्धा करेंगे, जहां उन्होंने आखिरी मुकाबला 2017 में लड़ा था।
- नई प्रमोशनल साझेदारी: उन्होंने अपनी कंपनी ‘लोमा पावर प्रमोशंस’ के जरिए टॉप रैंक के साथ बहुवर्षीय सह-प्रचार करार किया है।
- रिंग में वापसी का समय: उनका अगला मुकाबला वर्ष 2027 के शुरुआती महीनों में आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
शानदार रहा है लोमाचेंको का पेशेवर और एमेच्योर सफर
पेशेवर रिंग में कदम रखने से पहले ही लोमाचेंको एमेच्योर मुक्केबाजी के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में गिने जाते थे। एमेच्योर सर्किट में उनका रिकॉर्ड 396 जीत और केवल एक हार का था, और उस एकमात्र हार का बदला भी उन्होंने दो बार मुकाबला जीतकर लिया था। उन्होंने वर्ष 2008 बीजिंग ओलंपिक और 2012 लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल किए।
साल 2013 में पेशेवर मुक्केबाजी की शुरुआत करने के बाद उन्होंने अपने तीसरे ही मुकाबले में गैरी रसेल जूनियर को हराकर डब्ल्यूबीओ फेदरवेट का खिताब अपने नाम कर इतिहास रचा था। अपने 21 पेशेवर मुकाबलों के करियर में लोमाचेंको ने 18 जीत (12 नॉकआउट) दर्ज की हैं, जबकि उन्हें केवल 3 मुकाबलों में हार मिली है। उनका आखिरी पेशेवर मुकाबला मई 2024 में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में हुआ था, जहां उन्होंने जॉर्ज कांबोसॉस जूनियर (George Kambosos Jr.) को 11वें राउंड में रोककर आईबीएफ लाइटवेट खिताब जीता था। अब 2027 में उनकी वापसी से अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग जगत में एक बार फिर नया रोमांच पैदा होना तय है।
