IND vs NZ: अंशुल कंबोज का कमाल, 2/22 के स्पेल से रचा इतिहास

भारत और न्यूजीलैंड के बीच बुधवार, 4 नवंबर 2026 को ऑकलैंड के ईडन पार्क (Eden Park) में खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में युवा भारतीय तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज (Anshul Kamboj) ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से नया इतिहास रच दिया। 25 वर्षीय दाएं हाथ के इस सीमर ने कीवी बल्लेबाजों को अपनी उछाल और स्विंग से पूरी तरह बैकफुट पर धकेलते हुए 10 ओवरों के कोटे में सिर्फ 22 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट झटके। कंबोज की इस किफायती गेंदबाजी और साथी तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम ने वर्षाबाधित पहले वनडे में न्यूजीलैंड को 5 विकेट से मात देकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

21 साल बाद विदेशी धरती पर किसी भारतीय पेसर का सर्वश्रेष्ठ स्पेल

अंशुल कंबोज ने ऑकलैंड के छोटे मैदान पर महज 2.20 की इकॉनमी रेट से रन दिए। पिछले 21 वर्षों में विदेशी सरजमीं पर पूरे 10 ओवर के कोटे में किसी भी भारतीय तेज गेंदबाज का यह संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। कंबोज ने इस शानदार गेंदबाजी से भारत के दिग्गज तेज गेंदबाजों आशीष नेहरा (Ashish Nehra), अजीत अगरकर (Ajit Agarkar) और जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) के क्लब में अपनी जगह बनाई। नेहरा ने साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ दांबुला में 2/22 का स्पेल फेंका था, जबकि अगरकर ने 2006 में कुआलालंपुर में वेस्टइंडीज के खिलाफ 22 रन देकर 2 विकेट लिए थे। वहीं बुमराह ने 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में 4/22 का आंकड़ा छुआ था। अब कंबोज इस एलीट लिस्ट में शामिल होने वाले चौथे भारतीय तेज गेंदबाज बन गए हैं।

डेब्यू की विफलता को भुलाकर की जोरदार वापसी

हरियाणा के करनाल से आने वाले कंबोज के लिए यह मैच एक शानदार पुनरागमन साबित हुआ। पिछले महीने न्यू चंडीगढ़ में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने वनडे पदार्पण पर वह बेहद महंगे रहे थे, जहां उन्होंने 10 ओवरों में 82 रन लुटाए थे और कोई विकेट नहीं मिला था। हालांकि, कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) और मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने युवा गेंदबाज पर भरोसा कायम रखा। कंबोज ने ऑकलैंड में अपने पहले स्पेल में 5 ओवर में केवल 12 रन दिए। इसके बाद दूसरे स्पेल में उन्होंने 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकते हुए कीवी कप्तान मिशेल सैंटनर (Mitchell Santner) को 4 रन पर क्लीन बोल्ड किया और फिर नाथन स्मिथ (Nathan Smith) को आउट कर न्यूजीलैंड की पारी को ध्वस्त कर दिया।

46 डॉट गेंदों से बनाया दबाव, 185 पर सिमटी कीवी टीम

कंबोज के स्पेल की सबसे खास बात उनकी लाइन-लेंथ का अनुशासन रहा। उन्होंने 60 गेंदों में से 46 गेंदें डॉट फेंकी, जिससे कीवी बल्लेबाजों पर भारी दबाव बन गया। उनके साथ अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) ने 4 विकेट और गुरनूर बराड़ (Gurnoor Brar) ने 3 विकेट झटककर मेजबान टीम को 40.2 ओवरों में महज 185 रनों पर समेट दिया। इसके बाद बारिश के कारण डकवर्थ-लुईस पद्धति (DLS Method) से भारत को 143 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला, जिसे भारतीय टीम ने 22.4 ओवरों में 5 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया।

अंशुल कंबोज के ऐतिहासिक स्पेल की मुख्य बातें

  • रिकॉर्ड इकॉनमी: कंबोज ने 10 ओवर में 2.20 की इकॉनमी से सिर्फ 22 रन दिए और 2 विकेट निकाले।
  • 46 डॉट गेंदें: पूरे स्पेल में 46 गेंदों पर कोई रन नहीं बनने दिया, जिससे कीवी टीम रन गति बढ़ाने में नाकाम रही।
  • दिग्गजों की बराबरी: 2005 के बाद विदेशी धरती पर 10 ओवर में संयुक्त रूप से सबसे किफायती भारतीय तेज गेंदबाज बने।
  • शानदार वापसी: डेब्यू मुकाबले में 82 रन लुटाने के बाद दूसरे ही वनडे में मैच जिताऊ प्रदर्शन किया।

अंशुल कंबोज का यह प्रदर्शन भारतीय तेज गेंदबाजी की मजबूत बेंच स्ट्रेंथ को साबित करता है। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे शीर्ष गेंदबाजों की गैरमौजूदगी में युवा तेज गेंदबाजों ने जिस तरह कीवी सरजमीं पर दबदबा बनाया, वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से बेहद सुखद संकेत है।