विश्व जूनियर ब्लिट्ज शतरंज: भारत के प्रणव वेंकटेश ने जीता स्वर्ण पदक

विश्व जूनियर ब्लिट्ज शतरंज: भारत के प्रणव वेंकटेश ने जीता स्वर्ण पदक

अल ऐन (Al Ain), संयुक्त अरब अमीरात: भारत के 20 वर्षीय प्रतिभाशाली ग्रैंडमास्टर प्रणव वेंकटेश (Pranav Venkatesh) ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज पटल पर एक बार फिर तिरंगा लहराया है। शुक्रवार देर शाम संपन्न हुई फिडे विश्व जूनियर ब्लिट्ज शतरंज चैंपियनशिप 2026 (FIDE World Junior Blitz Chess Championship 2026) के ओपन वर्ग में प्रणव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। भारतीय खिलाड़ी ने कुल 13 राउंड के कड़े मुकाबले में 10.5 अंक अर्जित कर एकल बढ़त के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले उन्होंने इसी प्रतियोगिता के रैपिड वर्ग में रजत पदक भी जीता था।

13 राउंड के कड़े मुकाबले में दिखाया दबदबा

प्रणव वेंकटेश ने ब्लिट्ज चैंपियनशिप के पहले दिन से ही अपनी आक्रामक और सधी हुई चालों से विरोधी खिलाड़ियों को बैकफुट पर रखा। पहले दिन के खेल के बाद वह 6 अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर काबिज थे। दूसरे और अंतिम दिन उन्होंने अपनी गति और लय को बरकरार रखते हुए अहम बाजियों में पूरे अंक बटोरे। 13 राउंड के संघर्ष के बाद प्रणव ने 10.5 अंक जुटाकर तालिका में पहला स्थान हासिल किया और खिताब अपने नाम कर लिया।

प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल करने के लिए तीन खिलाड़ियों के बीच 9.5-9.5 अंकों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला। बेहतर टाईब्रेक स्कोर के आधार पर किर्गिस्तान के इंटरनेशनल मास्टर एल्दियार ओरोज्बाएव (Eldiyar Orozbaev) ने दूसरा स्थान प्राप्त कर रजत पदक जीता। वहीं, आर्मेनिया के इंटरनेशनल मास्टर रॉबर्ट पिलिपोस्यान (Robert Piliposyan) तीसरे स्थान पर रहकर कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहे। सीरिया के फिडे मास्टर माजेन फांदी (Mazen Fandi) भी 9.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे।

रैपिड में रजत के बाद ब्लिट्ज में स्वर्ण का कमाल

अल ऐन में आयोजित इस विश्व जूनियर चैंपियनशिप में प्रणव वेंकटेश का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। ब्लिट्ज प्रारूप से ठीक पहले आयोजित विश्व जूनियर रैपिड चैंपियनशिप में भी उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल किया था। रैपिड वर्ग में उज्बेकिस्तान के ग्रैंडमास्टर खामोयुन बेगमुरातोव ने स्वर्ण जीता था, लेकिन ब्लिट्ज में प्रणव ने किसी प्रतिद्वंद्वी को खुद से आगे नहीं निकलने दिया।

चेन्नई से ताल्लुक रखने वाले प्रणव वेंकटेश ने साल 2025 में मोंटेनेग्रो में आयोजित क्लासिकल टाइम कंट्रोल वाली फिडे विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा था। अब जूनियर स्तर पर ब्लिट्ज का वैश्विक खिताब जीतकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वह खेल के तीनों प्रमुख प्रारूपों में समान रूप से प्रभावी हैं। प्रणव भारत के 75वें ग्रैंडमास्टर हैं और विश्वनाथन आनंद की अकादमी से भी जुड़े रहे हैं।

प्रतियोगिता के मुख्य बिंदु और महिला वर्ग का परिणाम

  • प्रणव का शानदार प्रदर्शन: प्रणव वेंकटेश ने 13 राउंड में 10.5 अंक अर्जित कर निकटतम प्रतिद्वंद्वियों पर पूरे एक अंक की स्पष्ट बढ़त बनाई।
  • महिला वर्ग की विजेता: गर्ल्स सेक्शन में महिला ग्रैंडमास्टर (WGM) वलेरिया क्लेईमेनोवा (Valeria Kleymenova) ने 10 अंकों के साथ विश्व जूनियर ब्लिट्ज का खिताब अपने नाम किया।
  • भारतीय बेटियों का प्रदर्शन: गर्ल्स वर्ग में भारत की महिला इंटरनेशनल मास्टर (WIM) आमुक्ता गुंताका (Aamuktha Guntaka) 9 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहीं, जबकि इंटरनेशनल मास्टर (IM) सविता श्री बी 8.5 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहीं।
  • रैपिड और ब्लिट्ज में पदक: प्रणव ने एक ही सप्ताह के भीतर विश्व जूनियर स्तर पर रैपिड में रजत और ब्लिट्ज में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की।

भारतीय शतरंज के स्वर्णिम दौर में नया अध्याय

भारतीय शतरंज जगत के लिए यह उपलब्धि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सीनियर स्तर पर जहां भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपना परचम लहरा रहे हैं, वहीं जूनियर स्तर पर प्रणव वेंकटेश की यह दोहरी कामयाबी दिखाती है कि देश में शतरंज की प्रतिभाओं की मजबूत पौध तैयार है। खेल विशेषज्ञों और शतरंज प्रशंसकों ने प्रणव को इस विश्व खिताब के लिए बधाई दी है और इसे भारतीय खेल जगत के लिए गौरवशाली पल बताया है।