भारतीय टेनिस के दो सबसे बड़े दिग्गज सानिया मिर्जा (Sania Mirza) और महेश भूपति (Mahesh Bhupathi) ने खेल प्रशासन के मैदान में एक नई और ऐतिहासिक पारी की शुरुआत की है। दोनों पूर्व अंतरराष्ट्रीय चैंपियनों को अखिल भारतीय टेनिस संघ (All India Tennis Association – AITA) की 15 सदस्यीय कार्यकारी समिति (Executive Committee) में उत्कृष्ट खिलाड़ी (Sportspersons of Outstanding Merit – SOM) कोटे के तहत सदस्य निर्वाचित किया गया है। नई दिल्ली में संपन्न हुए मतदान में साथी खिलाड़ियों के भारी समर्थन के साथ दोनों दिग्गजों ने यह जीत दर्ज की, जिससे भारतीय टेनिस प्रशासन में सक्रिय खिलाड़ियों की सीधी भागीदारी का एक नया दौर शुरू हो गया है।
मतदान में दिग्गजों का दबदबा, भूपति को मिले सर्वाधिक वोट
कार्यकारी समिति के दो पदों (एक पुरुष और एक महिला) के लिए कराए गए इस विशेष चुनाव में कुल 31 योग्य उत्कृष्ट खिलाड़ियों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। पुरुष वर्ग में 12 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन महेश भूपति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक 23 मत हासिल कर जीत दर्ज की। वहीं, छह बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन और पूर्व विश्व नंबर एक युगल खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने महिला वर्ग में 18 वोट हासिल कर कार्यकारी समिति में अपनी जगह पक्की की। इस चुनाव में अन्य उम्मीदवारों में जानकी कृष्णमूर्ति (Janaki Krishnamoorthy) को 13 वोट और विशाल उप्पल (Vishal Uppal) को 7 वोट मिले।
भारतीय टेनिस को नई दिशा देने का संकल्प
निर्वाचन के बाद सानिया मिर्जा और महेश भूपति दोनों ने भारतीय टेनिस की व्यवस्था को सुधारने और नए खिलाड़ियों को सशक्त बनाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। सानिया मिर्जा ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य अपने दशकों लंबे अंतरराष्ट्रीय खेल अनुभव का लाभ उठाकर युवा खिलाड़ियों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जमीनी स्तर पर उभरती प्रतिभाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मौके, आधुनिक फिटनेस ट्रेनिंग और फिजियोथेरेपिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित करना सबसे पहली प्राथमिकता होगी।
वहीं, महेश भूपति ने इस चुनाव में खिलाड़ियों की जबर्दस्त भागीदारी पर संतोष जताया। उन्होंने बताया कि मतदान करने के लिए पूर्व खिलाड़ी देश के विभिन्न हिस्सों और यहां तक कि हांगकांग से भी विमान लेकर पहुंचे थे। भूपति ने कहा कि वे सभी मिलकर एक मजबूत और पारदर्शी ढांचा तैयार करेंगे ताकि भारतीय टेनिस में सकारात्मक और ठोस बदलाव जल्द से जल्द धरातल पर दिखाई दे सकें।
प्रशासनिक चुनाव से जुड़ी प्रमुख बातें
- खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व: राष्ट्रीय खेल शासन नियमों के तहत राष्ट्रीय खेल महासंघों में पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों को प्रशासनिक भागीदारी देने की पहल लागू की गई है।
- कार्यकारी समिति में सीटें: एआईटीए की 15 सदस्यीय शीर्ष कार्यकारी समिति में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए दो सीटें (एक पुरुष, एक महिला) तय की गई हैं।
- वोटों का गणित: चुनाव में भूपति को सर्वाधिक 23 और सानिया मिर्जा को 18 वोट मिले, जिससे दोनों ने आसान जीत दर्ज की।
- भविष्य की भूमिका: कार्यकारी समिति के सदस्य बनने के बाद दोनों दिग्गज अब अन्य पदों के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि खेल सुधार की नीतियों के निर्माण पर अपना पूरा ध्यान लगाएंगे।
भारतीय टेनिस में बड़े सुधारों की उम्मीद
लंबे समय से भारतीय टेनिस खिलाड़ियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सुविधाओं, चयन और वित्तीय सहायता को लेकर खींचतान देखने को मिलती रही है। ऐसे माहौल में वैश्विक स्तर पर भारत का परचम लहराने वाले सानिया मिर्जा और महेश भूपति जैसे स्थापित नामों का निर्णय लेने वाली सर्वोच्च समिति में आना बेहद उत्साहजनक माना जा रहा है। घरेलू टेनिस जगत को उम्मीद है कि इन दोनों दिग्गजों की मौजूदगी से आने वाले समय में उभरते खिलाड़ियों को बेहतर मंच, प्रायोजन और अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
