विश्व पेशेवर मुक्केबाजी के दो सबसे चर्चित और आक्रामक फाइटर्स एक बड़े मुकाबले के लिए आमने-सामने आ गए हैं। पूर्व विश्व हेवीवेट चैंपियन डियोन्टे वाइल्डर (Deontay Wilder) और मौजूदा अपराजित क्रूजरवेट चैंपियन जय ओपेटाया (Jai Opetaia) के बीच आगामी 11 दिसंबर को कार्डिफ के प्रिंसिपैलिटी स्टेडियम (Principality Stadium, Cardiff) में भिड़ंत होगी। यह महामुकाबला ब्रिटिश मुक्केबाजी दिग्गज टाइसन फ्यूरी (Tyson Fury) और एंथनी जोशुआ (Anthony Joshua) की बहुचर्चित फाइट के आधिकारिक अंडरकार्ड (Undercard) का प्रमुख आकर्षण होगा, जिसका सीधा प्रसारण नेटफ्लिक्स (Netflix) पर दुनिया भर में किया जाएगा। दोनों खेमों की ओर से इस मुकाबले की औपचारिक पुष्टि होते ही बॉक्सिंग जगत में भारी हलचल मच गई है।
क्रूजरवेट से हेवीवेट में ओपेटाया का साहसिक कदम
ऑस्ट्रेलिया के 31 वर्षीय स्टार मुक्केबाज जय ओपेटाया ने अब तक अपने पेशेवर करियर में किसी भी मुकाबले में हार का मुंह नहीं देखा है। उनके नाम 30 मुकाबलों में 30 जीत का बेदाग रिकॉर्ड दर्ज है, जिसमें 24 मुकाबले उन्होंने नॉकआउट के जरिए जीते हैं। इंटरनेशनल बॉक्सिंग फेडरेशन (IBF) के क्रूजरवेट खिताब पर दो बार कब्जा जमा चुके ओपेटाया ने इस साल मार्च में ब्रैंडन ग्लेंटन (Brandon Glanton) और सितंबर में नोरायर मिकाएलियन (Norair Mikaeljan) को पराजित किया था। इसके बावजूद उन्होंने अपने नियमित भार वर्ग को छोड़कर हेवीवेट श्रेणी में उतरने का फैसला किया है। जानकारों का मानना है कि हेवीवेट के सबसे भारी पंचर माने जाने वाले वाइल्डर के सामने उतरना ओपेटाया के करियर का सबसे जोखिम भरा कदम साबित हो सकता है।
‘द ब्रोंज बॉम्बर’ वाइल्डर की ताकत और चुनौती
अमेरिका के पूर्व डब्ल्यूबीसी (WBC) हेवीवेट चैंपियन डियोन्टे वाइल्डर अपनी अविश्वसनीय नॉकआउट क्षमता के लिए पूरी दुनिया में विख्यात हैं। ‘द ब्रोंज बॉम्बर’ के नाम से पहचाने जाने वाले 41 वर्षीय वाइल्डर का पेशेवर रिकॉर्ड 45 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ का है। उन्होंने अपनी 45 जीतों में से 42 प्रतिद्वंद्वियों को नॉकआउट करके धूल चटाई है। हालिया मुकाबले में उन्होंने ब्रिटिश मुक्केबाज डेरेक चिसोरा (Derek Chisora) पर स्प्लिट डिसीजन (विभाजित निर्णय) से जीत दर्ज कर अपनी लय हासिल की थी। वाइल्डर डब्ल्यूबीए चैंपियन मूरत ग्यासिएव से भी मुकाबले की योजना में थे, लेकिन कार्डिफ के बड़े मंच पर उन्हें पहले ओपेटाया की तेज गति और युवा आक्रामकता की चुनौती को पार करना होगा।
मुकाबले से जुड़े मुख्य बिंदु और अहम आंकड़े
- तारीख और आयोजन स्थल: यह मुकाबला 11 दिसंबर को वेल्स की राजधानी कार्डिफ के प्रिंसिपैलिटी स्टेडियम में आयोजित होगा।
- फाइट कार्ड का स्तर: यह मुकाबला टाइसन फ्यूरी बनाम एंथनी जोशुआ के साल के सबसे बड़े बॉक्सिंग शो का हिस्सा बना है।
- ओपेटाया का अपराजित सफर: 30 जीत (24 नॉकआउट) और शून्य हार के साथ ऑस्ट्रेलियाई चैंपियन पहली बार हेवीवेट मुकाबले में उतरेंगे।
- वाइल्डर का विस्फोटक रिकॉर्ड: पूर्व चैंपियन वाइल्डर के पास 45 पेशेवर जीतों का समृद्ध अनुभव है।
- तकनीक बनाम ताकत: मुकाबले में ओपेटाया की गति, फुटवर्क और सटीकता की सीधी भिड़ंत वाइल्डर के विध्वंसक दाएं हाथ के पंच से होगी।
मुक्केबाजी प्रेमियों के लिए ऐतिहासिक फाइट नाइट
कार्डिफ का यह पूरा फाइट कार्ड आधुनिक मुक्केबाजी के सबसे यादगार आयोजनों में से एक बनने जा रहा है। मेन इवेंट में जहां फ्यूरी और जोशुआ की लंबे समय से प्रतीक्षित जंग होगी, वहीं उससे ठीक पहले वाइल्डर और ओपेटाया की टक्कर ने इस पूरे आयोजन के स्तर को कई गुना बढ़ा दिया है। बॉक्सिंग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ओपेटाया वाइल्डर के पंचों से बचकर जीत हासिल करते हैं, तो वे तुरंत हेवीवेट डिवीजन के शीर्ष दावेदारों की कतार में शामिल हो जाएंगे। वहीं दूसरी ओर, वाइल्डर के लिए यह मुकाबला एक बार फिर साबित करने का मौका होगा कि उनकी नॉकआउट ताकत आज भी किसी भी उभरते चैंपियन की रफ्तार पर भारी पड़ सकती है।
स्रोत: dazn.com, sherdog.com, youtube.com, independent.co.uk, netflix.com
