विश्व सीनियर शतरंज चैंपियनशिप 2026: सर्बिया में 385 दिग्गजों का महामुकाबला

अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (International Chess Federation – FIDE) की प्रतिष्ठित विश्व सीनियर शतरंज चैंपियनशिप 2026 (World Senior Chess Championship 2026) का भव्य आगाज सर्बिया (Serbia) के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल व्रन्याचका बान्या (Vrnjačka Banja) में हो गया है। होटल ज़ेप्टर (Hotel Zepter) के सभागार में आयोजित इस वैश्विक टूर्नामेंट में दुनिया भर के 65 राष्ट्रीय महासंघों से 385 दिग्गज खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस महाकुंभ में भारत सहित कई प्रमुख देशों के अनुभवी खिलाड़ी अपनी बिसात बिछाकर चार अलग-अलग विश्व खिताबों के लिए जोर-आजमाइश कर रहे हैं।

चार वर्गों में बंटे हैं 385 धुरंधर, 44 ग्रैंडमास्टर भी मैदान में

इस चैंपियनशिप में उम्र को बाधा नहीं बल्कि अनुभव की ताकत मानकर खेलने वाले दिग्गज आमने-सामने हैं। टूर्नामेंट को दो मुख्य आयु वर्गों—50 वर्ष से अधिक (50+) और 65 वर्ष से अधिक (65+) में बांटा गया है। इन दोनों आयु वर्गों में ओपन और महिला वर्ग की अलग-अलग प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इस बार मैदान में 44 ग्रैंडमास्टर (Grandmaster – GM) और 8 महिला ग्रैंडमास्टर (Woman Grandmaster – WGM) अपनी रणनीति का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे मुकाबलों का स्तर बेहद कड़ा और रोमांचक हो गया है।

प्रतियोगिता का आयोजन 11 राउंड के क्लासिकल स्विस सिस्टम (Swiss-system) के तहत किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक खिलाड़ी को पहले 40 चालों के लिए 90 मिनट और उसके बाद शेष खेल के लिए 30 मिनट का समय दिया जाता है, जिसमें पहली चाल से ही 30 सेकंड का इंक्रीमेंट शामिल है। 14 नवंबर तक चलने वाली इस स्पर्धा में खिलाड़ियों के धैर्य, शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक एकाग्रता की कड़ी परीक्षा होगी।

उद्घाटन समारोह में शतरंज को बताया ‘जीवन का दर्शन’

टूर्नामेंट की आधिकारिक शुरुआत होटल ज़ेप्टर के क्रिस्टल हॉल में राष्ट्रगान के साथ हुई। सर्बियाई शतरंज महासंघ (Chess Federation of Serbia) के अध्यक्ष आंद्रिया योर्गिच (Andrija Jorgić), फिडे के तकनीकी प्रतिनिधि गुन्नार ब्योर्नसन (Gunnar Björnsson) और व्रन्याचका बान्या के मेयर बोबान दुरोविच (Boban Đurović) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और बोर्ड पर औपचारिक पहली चाल चलकर इसका उद्घाटन किया। मुख्य निर्णायक के रूप में अशोत वरदापेतियान (Ashot Vardapetyan) कमान संभाल रहे हैं।

उद्घाटन भाषण में आंद्रिया योर्गिच ने कहा कि शतरंज दुनिया का वह अनोखा खेल है जहां उम्र कमजोरी नहीं, बल्कि ज्ञान, धैर्य और सटीक निर्णय लेने की क्षमता का प्रतीक बनती है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ खिलाड़ी हमारी शतरंज परंपरा के मार्गदर्शक हैं और उनका खेल युवा पीढ़ी के लिए एक खुली किताब की तरह है।

टूर्नामेंट से जुड़े प्रमुख तथ्य

  • कुल प्रतिभागी: 65 देशों के 385 खिलाड़ी मैदान में उतरे हैं, जिनमें 44 जीएम और 8 डब्ल्यूजीएम शामिल हैं।
  • चार विश्व खिताब दांव पर: ओपन 50+, महिला 50+, ओपन 65+ और महिला 65+ वर्गों में चैंपियन तय होंगे।
  • पुरस्कार राशि: फिडे ने इस साल कुल इनामी राशि 50,000 यूरो (लगभग 45 लाख रुपये) रखी है।
  • विशेष सम्मान: 75 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए विशेष पुरस्कार तय किए गए हैं।

50 हजार यूरो की इनामी राशि और भारतीय चुनौती

विश्व शतरंज महासंघ ने सीनियर शतरंज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस बार कुल इनामी राशि 50,000 यूरो रखी है। ओपन 50+ के विजेता को 5,000 यूरो, महिला 50+ विजेता को 2,500 यूरो, ओपन 65+ विजेता को 4,000 यूरो और महिला 65+ वर्ग की विजेता को 2,000 यूरो की नकद राशि से नवाजा जाएगा। भारतीय शतरंज दल भी इस टूर्नामेंट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है, जहां भारतीय खिलाड़ी अनुभवी यूरोपीय व अमेरिकी मास्टर्स को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं।