विश्व कुश्ती: पदक जीतकर लौटीं नीलम सिरोही और तनु शर्मा, हुआ भव्य स्वागत

कज़ाकिस्तान (Kazakhstan) के अस्ताना (Astana) स्थित बारिस एरिना (Barys Arena) में आयोजित सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप (Senior World Wrestling Championships) में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय महिला पहलवान नीलम सिरोही (Neelam Sirohi) और तनु शर्मा (Tanu Sharma) शनिवार देर रात स्वदेश लौट आईं। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Indira Gandhi International Airport) पर खेल प्रेमियों, परिजनों और खेल अधिकारियों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ पदक विजेताओं का जोरदार स्वागत किया। महिलाओं के 50 किग्रा भार वर्ग में रजत पदक जीतने वाली उत्तर प्रदेश की नीलम सिरोही और कांस्य पदक हासिल करने वाली तनु शर्मा ने अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जताई और अब ओलंपिक खेलों के लिए तैयारी तेज करने की बात कही है।

नीलम सिरोही का वर्षों का संघर्ष लाया रंग

उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली 26 वर्षीय पहलवान नीलम सिरोही के लिए यह रजत पदक वर्षों की कड़ी तपस्या का प्रतिफल है। नीलम साल 2022 से लगातार विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले रही थीं, लेकिन इससे पहले वह कभी पोडियम तक नहीं पहुंच सकी थीं। अस्ताना में उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत बेलारूस की नतालिया वाराकिना (Natallia Varakina) को 6-0 से मात देकर की। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में रूस की शीर्ष वरीय एलिज़ावेता स्मिर्नोवा (Elizaveta Smirnova) के चोट के चलते हटने से उन्हें वाकओवर मिला।

सेमीफाइनल में नीलम ने घरेलू दावेदार कज़ाकिस्तान की ज़ेनेप बायानोवा (Zeinep Bayanova) को 7-3 से हराकर पहली बार विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में उन्हें जापान की पूर्व ओलंपिक चैंपियन यूई सुसाकी (Yui Susaki) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और उन्होंने रजत पदक हासिल किया। वतन वापसी पर नीलम ने स्पष्ट किया कि उनका अगला बड़ा लक्ष्य आगामी विश्व चैंपियनशिप के जरिए सीधे ओलंपिक का टिकट पक्का करना है।

चोटों से उबरकर तनु शर्मा ने जीता कांस्य

युवा पहलवान तनु शर्मा ने घुटने और टखने की गंभीर चोटों से जूझते हुए अस्ताना में कांस्य पदक जीतकर अपने बचपन के सपने को साकार किया। सीनियर विश्व चैंपियनशिप से कुछ ही सप्ताह पहले उन्होंने अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में भी रजत पदक अपने नाम किया था, जिसने उन्हें इस बड़े टूर्नामेंट के लिए जरूरी आत्मविश्वास दिया। तनु ने मैट पर उतरने से पहले अपनी प्रतिद्वंद्वियों की तकनीकों और अपनी पिछली गलतियों का बारीकी से अध्ययन किया था। भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए तनु ने कहा कि वह ओलंपिक चक्र की चुनौतियों को ध्यान में रखकर अपने भार वर्ग में बदलाव करने के विकल्प पर भी विचार कर रही हैं।

भारतीय दल के प्रदर्शन के अहम पहलू

  • महिला वर्ग में ऐतिहासिक सफलता: अस्ताना में भारतीय महिला पहलवानों ने कुल चार पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
  • यूपी की नीलम की पहली पोडियम फिनिश: कई वर्षों की मेहनत के बाद उत्तर प्रदेश की नीलम सिरोही ने 50 किग्रा में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा।
  • तनु का लगातार दूसरा अंतरराष्ट्रीय पदक: अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप के रजत के बाद तनु ने सीनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया।
  • ओलंपिक पर निगाहें: पदक विजेता पहलवानों ने पुष्टि की है कि उनका प्राथमिक लक्ष्य अब आगामी ओलंपिक खेलों के लिए सीधे क्वालीफाई करना है।

पुरुषों के फ्रीस्टाइल वर्ग में निराशाजनक अंत

एक तरफ जहां महिला पहलवानों ने भारत की झोली में पदक डाले, वहीं पुरुषों के फ्रीस्टाइल वर्ग में भारतीय चुनौती शनिवार (31 अक्टूबर) को बिना किसी पदक के समाप्त हो गई। 125 किग्रा भार वर्ग में जसपूरन सिंह (Jaspooran Singh) कांस्य पदक के सबसे करीब पहुंचे थे। उन्होंने रेपेचेज राउंड में जमैका के पहलवान एरोन जॉनसन (Aaron Johnson) को 10-0 से एकतरफा शिकस्त देकर कांस्य पदक मुकाबले में प्रवेश किया था। हालांकि, कांस्य पदक के मुकाबले में उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के व्याट हेंड्रिकसन (Wyatt Hendrickson) के हाथों 0-10 से हार झेलनी पड़ी और वह पोडियम तक पहुंचने से चूक गए।