वर्ल्ड बॉक्सिंग चुनाव: BFI चीफ अजय सिंह अयोग्य, महासंघ में घमासान

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (Boxing Federation of India – BFI) के अध्यक्ष अजय सिंह (Ajay Singh) को अंतरराष्ट्रीय संस्था वर्ल्ड बॉक्सिंग (World Boxing) के आगामी कार्यकारी बोर्ड चुनाव के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। 20 नवंबर को होने वाले इस महत्वपूर्ण चुनाव से पहले संस्था के वेटिंग पैनल (Vetting Panel) ने उनकी उम्मीदवारी को खारिज कर दिया। इस फैसले के सामने आने के बाद भारतीय मुक्केबाजी प्रशासन में आंतरिक खींचतान काफी तेज हो गई है, जहां एक ओर विरोधी खेमा नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है, वहीं पूर्व वर्ल्ड बॉक्सिंग प्रमुख ने अजय सिंह के पक्ष में आवाज उठाई है।

तकनीकी कारणों से खारिज हुई उम्मीदवारी

वर्ल्ड बॉक्सिंग के वेटिंग पैनल ने 1 सितंबर को अजय सिंह के नामांकन की समीक्षा के बाद उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अपात्र ठहराया था। पैनल ने आचार संहिता (Code of Ethics) या नियमों के उल्लंघन से संबंधित प्रावधानों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया। हालांकि, बीएफआई के कार्यकारी निदेशक कर्नल अरुण मलिक (Arun Malik) ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि अजय सिंह की उम्मीदवारी मुक्केबाजी से इतर तकनीकी आधारों पर खारिज की गई है।

महासंघ ने आधिकारिक बयान में साफ किया कि अजय सिंह के व्यक्तिगत रूप से चुनाव न लड़ने का असर भारत की सदस्यता अथवा उसके मतदान अधिकारों पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। पनामा में होने वाले आगामी कांग्रेस (Panama Congress) सम्मेलन के लिए भारत ने विस्तारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और वर्ल्ड बॉक्सिंग के महासचिव टॉम डिएलेन (Tom Dielen) ने भी इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है।

बीएफआई में आंतरिक घमासान और विरोध के सुर

इस घटनाक्रम के बाद भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। दिल्ली अमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन (Delhi Amateur Boxing Association – DABA) के उपाध्यक्ष रोहित जैन (Rohit Jain) सहित कई राज्य इकाइयों के प्रतिनिधियों ने मौजूदा नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मुक्केबाजी को इस समय पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की आवश्यकता है तथा किसी भी व्यक्ति विशेष से ऊपर खिलाड़ियों और महासंघ का हित होना चाहिए।

दूसरी तरफ, अजय सिंह ने विरोधी गुट द्वारा बुलाई गई बैठक और अविश्वास प्रस्ताव की कोशिशों की वैधता को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में बागडोगरा (Bagdogra) में 23 मान्यता प्राप्त राज्य इकाइयों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें देश में मुक्केबाजी के विकास और आगामी प्रतियोगिताओं के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की गई।

पूर्व प्रमुख बोरिस वान डेर वोर्स्ट ने किया समर्थन

प्रशासनिक खींचतान के बीच वर्ल्ड बॉक्सिंग के पूर्व अध्यक्ष बोरिस वान डेर वोर्स्ट (Boris van der Vorst) खुलकर अजय सिंह के समर्थन में आए हैं। उन्होंने कहा कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 (LA 2028 Olympics) की तैयारियों के मद्देनजर भारतीय मुक्केबाजी में स्थिरता और निरंतरता बेहद आवश्यक है।

बोरिस ने जोर देकर कहा कि मुक्केबाजों का हित हमेशा सर्वोपरि होना चाहिए और इसके लिए महासंघ को मजबूत व स्थिर नेतृत्व की दरकार है। उन्होंने अजय सिंह और बीएफआई प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बड़े भारतीय दल भेजे गए और एथलीटों की सफलता के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया गया है।

मामले से जुड़े प्रमुख तथ्य

  • वर्ल्ड बॉक्सिंग के वेटिंग पैनल ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह को 20 नवंबर के कार्यकारी बोर्ड चुनाव के लिए अयोग्य घोषित किया।
  • भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने स्पष्ट किया कि इस निर्णय से भारत की पूर्ण सदस्यता और आगामी पनामा कांग्रेस में वोटिंग अधिकार पर कोई असर नहीं होगा।
  • महासचिव टॉम डिएलेन ने भारत के समय पर हुए पंजीकरण और पूर्ण सदस्यता विशेषाधिकारों की पुष्टि की है।
  • विरोधी गुट ने महासंघ में पारदर्शिता की मांग उठाते हुए कड़े कदम उठाने की बात कही, जिसे मौजूदा नेतृत्व ने खारिज किया।
  • पूर्व वर्ल्ड बॉक्सिंग अध्यक्ष बोरिस वान डेर वोर्स्ट ने ओलंपिक तैयारियों के मद्देनजर भारतीय मुक्केबाजी में निरंतरता का समर्थन किया।

लॉस एंजिल्स 2028 की तैयारियों में जुटे भारतीय मुक्केबाजों के लिए प्रशासनिक खींचतान किसी भी लिहाज से अनुकूल नहीं है। रिंग के भीतर भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि महासंघ के इस विवाद का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए।