पणजी (गोवा)। भारतीय सेना (Indian Army) के जवान और धाकड़ एथलीट बितेन सिंह (Biten Singh) ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को आयोजित अंतरराष्ट्रीय ट्रायथलॉन प्रतियोगिता ‘आयरनमैन 70.3 गोवा’ (IRONMAN 70.3 Goa) के पुरुष वर्ग का खिताब जीतकर खेल जगत में इतिहास रच दिया। बितेन सिंह ने न केवल यह कड़ा मुकाबला अपने नाम किया, बल्कि 4 घंटे, 24 मिनट और 29 सेकंड के शानदार समय के साथ एक नया कोर्स रिकॉर्ड भी स्थापित कर दिया। इस प्रतिष्ठित धीरज (endurance) स्पर्धा में 30 से अधिक देशों के 2,000 से ज्यादा देशी-विदेशी एथलीटों ने हिस्सा लिया था, जिन्हें पछाड़कर भारतीय जवान ने शीर्ष स्थान हासिल किया।
उज्बेकिस्तान के एथलीट का रिकॉर्ड तोड़ा
बितेन सिंह की यह खिताबी जीत भारतीय खेलों के लिहाज से बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने पिछले साल बने कोर्स रिकॉर्ड को 1 मिनट और 18 सेकंड के बड़े अंतर से ध्वस्त कर दिया। इससे पहले गोवा में सबसे तेज रेस पूरी करने का रिकॉर्ड उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) के कॉन्स्टेंटिन बेलौसोव (Konstantin Belousov) के नाम दर्ज था, जिन्होंने 2025 में 4 घंटे, 25 मिनट और 47 सेकंड में यह दूरी नापी थी। बितेन ने तैराकी के पहले चरण से लेकर साइकिलिंग और दौड़ के आखिरी मीटर तक अपने शानदार स्टैमिना का मुजाहिरा किया और अंतिम क्षणों तक अपनी मजबूत बढ़त बनाए रखी।
मिरमार बीच पर तीन कठिन चरणों की परीक्षा
आयरनमैन 70.3 को दुनिया की सबसे थका देने वाली एक-दिवसीय खेल स्पर्धाओं में गिना जाता है, जिसमें कुल 70.3 मील (लगभग 113 किलोमीटर) की दूरी तय करनी होती है। गोवा के लोकप्रिय मिरमार समुद्र तट (Miramar Beach) से शुरू हुई इस स्पर्धा में प्रतिभागियों को लगातार तीन विभिन्न चरणों से गुजरना पड़ा:
- 1.9 किलोमीटर तैराकी (Swimming): प्रतिभागियों ने अरब सागर के खुले पानी में तेज लहरों से जूझते हुए यह कठिन दूरी पार की।
- 90 किलोमीटर साइकिलिंग (Cycling): तैराकी के तुरंत बाद एथलीटों ने समुद्र तटीय सड़कों पर तेज रफ्तार से 90 किमी पैडलिंग की।
- 21.1 किलोमीटर दौड़ (Half Marathon): अंत में भीषण शारीरिक थकान के बीच हाफ मैराथन पूरी कर फिनिश लाइन तक पहुंचे।
तवांग में पोस्टिंग और 2024 की असफलता से लिया सबक
बितेन सिंह का यह सफर अत्यधिक प्रेरणादायक रहा है। भारतीय सेना में सेवारत बितेन वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश के अत्यधिक ऊंचाई वाले और दुर्गम इलाके तवांग (Tawang) में तैनात हैं। कठिन सैन्य जिम्मेदारियों और शून्य के करीब तापमान वाले माहौल के बीच भी उन्होंने अपने खेल अभ्यास में कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने इस प्रतियोगिता की तैयारी के लिए लगातार तीन महीने तक बेहद कड़ा और अनुशासित अभ्यास किया था।
गौरतलब है कि साल 2024 के संस्करण में वे डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के कारण रेस से बाहर हो गए थे और मुकाबला पूरा नहीं कर पाए थे। उस असफलता को प्रेरणा बनाते हुए बितेन ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ने का लक्ष्य रखा था। जीत के बाद उन्होंने कहा कि वे बेहद खुश हैं क्योंकि उन्होंने शुरुआत से ही कोर्स रिकॉर्ड तोड़ने का इरादा बांध रखा था। उनका अगला सपना ‘आयरनमैन वर्ल्ड चैंपियनशिप’ (IRONMAN World Championship) में भारत का प्रतिनिधित्व करना है, जिसके लिए वे जल्द ही फुल-डिस्टेंस ट्रायथलॉन की ट्रेनिंग शुरू करेंगे।
महिला वर्ग में मरीना श्लियाखतिना ने मारी बाजी
प्रतियोगिता के महिला वर्ग में मरीना श्लियाखतिना (Marina Shliakhtina) ने 5 घंटे, 30 मिनट और 29 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस वर्ग में सबीना इस्काकोवा (Sabina Iskakova) 5 घंटे, 42 मिनट और 58 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि मेलानी वेंड्ट (Mellanie Vendt) ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा टीम रिले वर्ग में स्थानीय टीम ‘फिट स्वैगर्स गोवा’ (Team Fit Swaggers Goa) 4 घंटे 33 मिनट 24 सेकंड के समय के साथ शीर्ष पर रही।
