एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: भारत ने जापान को 4-1 से हराया

पंजाब के जालंधर (Jalandhar) स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम (Olympian Surjit Singh Hockey Stadium) में खेले गए हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी (Hero Asian Champions Trophy) के रोमांचक मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जापान (Japan) को 4-1 से पराजित किया। इस धमाकेदार जीत के साथ पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। टूर्नामेंट में मेजबान भारत की यह लगातार तीसरी जीत है, जिसके दम पर टीम अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है। इससे पहले भारतीय टीम ने अपने शुरुआती मुकाबलों में बांग्लादेश को 13-0 और चीन को 5-2 के बड़े अंतर से मात दी थी।

अभिषेक के 150वें मैच में यादगार दोहरा प्रहार

भारत के युवा और आक्रामक स्ट्राइकर अभिषेक नैन (Abhishek Nain) के लिए यह मुकाबला बेहद खास रहा। उन्होंने अपने करियर का 150वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए दो शानदार फील्ड गोल दागे। मैच के 11वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद (Vivek Sagar Prasad) के बेहतरीन पास पर सुखजीत सिंह (Sukhjeet Singh) ने गेंद संभाली और जापानी डिफेंडरों को छकाते हुए अभिषेक को सटीक कटबैक दिया। अभिषेक ने कोई गलती न करते हुए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचाकर भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अभिषेक को मुकाबले का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी (Player of the Match) चुना गया।

जापान का संघर्ष और चौथे क्वार्टर में भारत का दबदबा

जापान की टीम ने मुकाबले में भारत को कड़ी टक्कर दी और आसानी से घुटने नहीं टेके। पहले क्वार्टर के अंतिम पलों यानी 15वें मिनट में जापान को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जब गोल लाइन पर गेंद भारतीय डिफेंडर संजय के हाथ से टकरा गई। जापानी खिलाड़ी शोता यामादा (Shota Yamada) ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में तब्दील कर स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। दूसरे और तीसरे क्वार्टर में जापानी रक्षापंक्ति ने अनुशासित खेल दिखाते हुए भारतीय फॉरवर्ड लाइन को बांधे रखा, जिससे मैच 45 मिनट तक 1-1 की बराबरी पर अटका रहा।

हालांकि, अंतिम 15 मिनट के चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने अपने खेल का स्तर ऊंचा किया और मैच पर पूरी तरह कब्जा कर लिया। 47वें मिनट में भारत को मुकाबले का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह (Harmanpreet Singh) ने अपनी चिरपरिचित ड्रैग-फ्लिक से गोली की रफ्तार से शॉट दागकर टीम को 2-1 से आगे कर दिया। इसके ठीक चार मिनट बाद, 51वें मिनट में अभिषेक ने शानदार मैदानी गोल कर बढ़त को 3-1 कर दिया। मैच के 56वें मिनट में युवा विष्णुकान्त सिंह (Vishnukant Singh) ने कप्तान हरमनप्रीत के एरियल पास को शानदार तरीके से नियंत्रित किया और जापानी डिफेंडरों को चकमा देते हुए सोलो फील्ड गोल दागा और भारत की 4-1 से जीत पर मुहर लगा दी।

मैच के प्रमुख बिंदु

  • अभिषेक का कमाल: अपने 150वें अंतरराष्ट्रीय मैच में अभिषेक नैन ने 11वें और 51वें मिनट में दो शानदार मैदानी गोल दागे।
  • कप्तान की अगुवाई: हरमनप्रीत सिंह ने 47वें मिनट में मिले एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर मैच का रुख बदल दिया।
  • विष्णुकान्त का सोलो गोल: 56वें मिनट में विष्णुकान्त सिंह ने अकेले दम पर बेहतरीन गोल दागकर अंतर को 4-1 कर दिया।
  • जापान का एकमात्र गोल: 15वें मिनट में शोता यामादा ने पेनल्टी स्ट्रोक से बराबरी का गोल दागा था।
  • अंक तालिका में शीर्ष: भारतीय टीम तीन मैचों में तीन जीत और 9 अंकों के साथ अंक तालिका में पहले स्थान पर कायम है।

सेमीफाइनल का टिकट और अगला इम्तिहान

मुख्य कोच क्रेग फुल्टन (Craig Fulton) के मार्गदर्शन में खेल रही भारतीय टीम की यह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के इतिहास में लगातार 15वीं जीत है। मनदीप सिंह जैसे अनुभवी फॉरवर्ड की अनुपस्थिति के बावजूद भारतीय अग्रिम पंक्ति ने अंतिम क्वार्टर में जो तालमेल और आक्रामकता दिखाई, उसने विरोधियों को बैकफुट पर धकेल दिया। सेमीफाइनल में स्थान पक्का करने के बाद अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला रविवार को मलेशिया (Malaysia) के खिलाफ होगा। मलेशियाई टीम को हाल ही में एशियाई खेलों के फाइनल में हराने के बाद भारतीय दल इस मुकाबले में भी अपनी जीत का सिलसिला जारी रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।