कतर की राजधानी दोहा (Doha) में 1 से 14 नवंबर 2026 तक आयोजित हो रही आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप (ISSF World Championship 2026) का औपचारिक आगाज हो गया है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता स्टार निशानेबाज मनु भाकर (Manu Bhaker) और शानदार फॉर्म में चल रहीं ट्रैप शूटर नीरू ढांडा (Neeru Dhanda) की अगुवाई में 54 सदस्यीय मजबूत भारतीय दल मैदान में उतरा है। राइफल, पिस्टल और शॉटगन तीनों विधाओं को एक साथ समेटने वाली यह प्रतियोगिता लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 (LA 2028 Olympics) के क्वालिफिकेशन चक्र का पहला और सबसे बड़ा पड़ाव है। भारतीय निशानेबाज इस वैश्विक मंच पर पदक जीतने के साथ-साथ देश के लिए शुरुआती ओलंपिक कोटा स्थान पक्का करने के इरादे से निशाना साधेंगे।
लॉस एंजिल्स 2028 के लिए 36 ओलंपिक कोटे दांव पर
दोहा में चल रही इस विश्व चैंपियनशिप का महत्व इसलिए असाधारण है क्योंकि यहां से लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए आधिकारिक क्वालिफिकेशन का रास्ता खुल रहा है। प्रतियोगिता में कुल 36 ओलंपिक कोटा स्थान उपलब्ध हैं, जहां 12 व्यक्तिगत ओलंपिक स्पर्धाओं में से प्रत्येक में शीर्ष तीन निशानेबाजों को ओलंपिक टिकट मिलेगा। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने इस बार सभी 12 व्यक्तिगत ओलंपिक स्पर्धाओं में 35 शीर्ष निशानेबाजों को उतारा है, जबकि 19 निशानेबाज गैर-ओलंपिक स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस चक्र में प्रारंभिक कोटा हासिल करने से भारतीय निशानेबाजों पर आगे के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अनावश्यक दबाव कम होगा और वे आगामी ओलंपिक की तैयारियों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
मनु भाकर और नीरू ढांडा से देश को सर्वाधिक उम्मीदें
भारतीय चुनौती की धुरी एक बार फिर अनुभवी और युवा प्रतिभाओं के संतुलन पर टिकी है। पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचने वाली मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल दोनों स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगी। वहीं शॉटगन वर्ग में नीरू ढांडा पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, जिन्होंने हाल ही में आइची-नागोया में संपन्न एशियाई खेलों (Asian Games 2026) में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर सनसनी मचाई थी। राइफल वर्ग में पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता स्वप्निल कुसाले (Swapnil Kusale) और अनुभवी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर (Aishwary Pratap Singh Tomar) पुरुष 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में पोडियम फिनिश की ताक में हैं। इनके अलावा एशियाई खेलों की पदक विजेता इलावेनिल वलारिवन (Elavenil Valarivan) और हिमांशु ढिल्लों (Himanshu Dhillon) 10 मीटर एयर राइफल में उतरेंगे, जबकि सुरुचि सिंह (Suruchi Singh) और कमलजीत सोहलौत (Kamaljeet Sohlot) मिक्स्ड टीम पिस्टल में ताल ठोकेंगे।
भारतीय दल और प्रमुख स्पर्धाओं के मुख्य बिंदु
- कुल भागीदारी: 54 सदस्यीय भारतीय दल में 35 निशानेबाज ओलंपिक और 19 निशानेबाज गैर-ओलंपिक वर्गों में खेल रहे हैं।
- ओलंपिक कोटा दांव पर: कुल 36 कोटा स्थानों में से प्रत्येक व्यक्तिगत ओलंपिक स्पर्धा में शीर्ष तीन खिलाड़ियों को कोटा हासिल होगा।
- दोहरी स्पर्धा में मनु: स्टार शूटर मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल दोनों वर्गों में उतर रही हैं।
- राइफल और शॉटगन दल: स्वप्निल कुसाले, ऐश्वर्य तोमर, नीरू ढांडा और स्कीट शूटर अनंत जीत सिंह नरूका (Anant Jeet Singh Naruka) भारतीय अभियान को धार देंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने की कड़ी चुनौती
भारतीय निशानेबाजी दल के लिए यह चैंपियनशिप पिछले कुछ महीनों के प्रदर्शन की समीक्षा और सुधार का बड़ा अवसर है। एशियाई खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में आई कमी के बाद उच्च-प्रदर्शन कोचिंग तंत्र पर करीबी मुकाबले जीतने को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। चीन, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय देशों के शीर्ष निशानेबाजों की मौजूदगी में दोहा रेंज पर दबाव झेलने की क्षमता ही निर्णायक साबित होगी। भारतीय निशानेबाजों के पास घरेलू स्तर पर की गई कड़ी ट्रेनिंग और मानसिक तैयारी को पदकों में तब्दील करने का यह सबसे सटीक मौका है। यदि भारतीय शूटर शुरुआती दिनों में ही कोटा हासिल करने में सफल रहते हैं, तो यह पूरे भारतीय खेल जगत के लिए 2028 ओलंपिक सफर की बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक शुरुआत होगी।
