LA 2028 Olympics: निशानेबाजी में कोटा विजेताओं को सीधी एंट्री नहीं, NRAI की नई नीति

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (National Rifle Association of India – NRAI) ने रविवार, 1 नवंबर को लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 (LA 2028 Olympics) के लिए राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं की नई चयन नीति की घोषणा कर दी है। महासंघ ने पेरिस ओलंपिक 2024 के विवादित और कड़े ‘ओलंपिक चयन ट्रायल्स’ (Olympic Selection Trials – OST) मॉडल पर ही अपना भरोसा जताया है। एनआरएआई के इस फैसले का सीधा अर्थ यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए ओलंपिक कोटा स्थान हासिल करने वाले शीर्ष निशानेबाजों को भी लॉस एंजिल्स का टिकट अपने आप नहीं मिलेगा। यह नियम रविवार से कतर की राजधानी दोहा (Doha) में शुरू हुई आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप (ISSF World Championship) के साथ ही लागू हो गया है और ओलंपिक दल के चयन तक प्रभावी रहेगा।

फाइनल एवरेज स्कोर और बोनस अंकों के आधार पर चयन

एनआरएआई के अनुसार, पेरिस खेलों की चयन प्रक्रिया में मामूली बदलाव करते हुए अधिकांश प्रारूप को यथावत रखा गया है। खिलाड़ियों का अंतिम चयन उनके ‘फाइनल एवरेज स्कोर’ (Final Average Score – FAS) के आधार पर होगा। इस स्कोर की गणना प्रत्येक निशानेबाज के चार अनिवार्य ट्रायल्स में से सर्वश्रेष्ठ तीन ओएसटी स्कोरों के औसत और उन पर मिलने वाले कोटा बोनस अंक (Quota Bonus Points – QBP) को जोड़कर की जाएगी।

महासंघ ने यह साफ कर दिया है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर प्रदर्शन करने वाले शीर्ष दावेदारों के बीच घरेलू स्तर पर ट्रायल्स आयोजित किए जाएंगे। इन ट्रायल्स में निशानेबाजों की तात्कालिक फॉर्म और दबाव झेलने की क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि ओलंपिक जैसे महाकुंभ में केवल सबसे इन-फॉर्म एथलीट ही भारत का प्रतिनिधित्व करें।

कोटा देश की संपत्ति, व्यक्तिगत टिकट नहीं

एनआरएआई ने अपने दिशा-निर्देशों में एक बार फिर स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीता गया ओलंपिक कोटा व्यक्तिगत खिलाड़ी का नहीं, बल्कि देश का होता है। पेरिस ओलंपिक के चक्र में भी इसी व्यवस्था के चलते कई अनुभवी निशानेबाजों को अंतिम दल से बाहर होना पड़ा था।

इसका सबसे चर्चित उदाहरण पूर्व 10 मीटर एयर राइफल विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल (Rudrankksh Patil) का रहा था, जिन्होंने भारत को ओलंपिक कोटा दिलाया था लेकिन घरेलू ट्रायल्स में संदीप सिंह (Sandeep Singh) के शीर्ष पर रहने के कारण रुद्रांक्ष पेरिस दल में जगह बनाने से चूक गए थे। हालांकि इस व्यवस्था पर खिलाड़ियों में असंतोष और कानूनी चुनौतियां भी देखने को मिली थीं, लेकिन महासंघ ने साफ कर दिया है कि वह आगामी ओलंपिक चक्र में भी इसी प्रतिस्पर्धी फॉर्मूले पर आगे बढ़ेगा।

चयन नीति की मुख्य शर्तें और पात्रता के नियम

  • चार में से तीन ट्रायल्स अनिवार्य: ओलंपिक टीम के चयन की दौड़ में बने रहने के लिए प्रत्येक पात्र निशानेबाज को निर्धारित चार ओएसटी में से कम से कम तीन ट्रायल्स में हिस्सा लेना होगा।
  • आईएसएसएफ प्रतियोगिताओं में भागीदारी: चयन ट्रायल्स (OST) के लिए पात्रता हासिल करने हेतु निशानेबाजों को 1 नवंबर 2026 से 30 अप्रैल 2028 के बीच कम से कम दो आईएसएसएफ (ISSF) प्रतियोगिताओं में भाग लेना आवश्यक है।
  • कोटा बोनस का लाभ: देश के लिए कोटा सुरक्षित करने वाले निशानेबाजों को उनके प्रदर्शन के आधार पर कोटा बोनस अंक (QBP) प्रदान किए जाएंगे, जो उनकी अंतिम मेरिट सूची को मजबूती देंगे।

दोहा विश्व चैंपियनशिप से मिशन 2028 का आगाज

एनआरएआई की इस घोषणा के साथ ही दोहा में शुरू हुई विश्व चैंपियनशिप भारतीय दल के लिए बेहद अहम हो गई है। दोहा में 12 व्यक्तिगत ओलंपिक स्पर्धाओं में कुल 36 ओलंपिक कोटा दांव पर हैं, जिसमें प्रत्येक स्पर्धा के शीर्ष तीन निशानेबाजों को देश के लिए कोटा मिलेगा। भारतीय निशानेबाज अब इस बात से भलीभांति वाकिफ हैं कि देश के लिए कोटा हासिल करना महज पहला कदम होगा, अंतिम दल में जगह पक्की करने के लिए उन्हें आगामी ट्रायल्स में भी शीर्ष स्तर का प्रदर्शन बरकरार रखना होगा।