भारतीय खेल जगत और कबड्डी प्रेमियों के लिए एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है। देश की सबसे लोकप्रिय और चर्चित खेल प्रतियोगिताओं में शुमार प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League – PKL) का 13वां सीजन इस साल यानी 2026 में आयोजित नहीं किया जाएगा। टेलीविजन और डिजिटल प्रसारण अधिकारों के नए करार को लेकर जारी गतिरोध के चलते आयोजकों ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है। अब पीकेएल सीजन 13 (PKL Season 13) की वापसी जून-जुलाई 2027 की विंडो में होने की प्रबल संभावना है।
अक्टूबर 2025 में सीजन 12 के रोमांचक समापन के बाद से ही प्रशंसक और खिलाड़ी नए सीजन की तारीखों और नीलामी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हालांकि, साल 2026 के अंतिम दो महीने शेष रहने और प्लेयर ऑक्शन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा न होने से यह स्पष्ट हो गया है कि इस कैलेंडर वर्ष में मैट पर कबड्डी का महामुंभ देखने को नहीं मिलेगा।
प्रसारण अधिकारों के नवीनीकरण पर अटका पेंच
पीकेएल के 13वें संस्करण के टलने के पीछे मुख्य कारण मीडिया अधिकारों का पेंच फंसना है। स्टार इंडिया (Star India – अब JioStar) के साथ लीग का पांच वर्षों का पुराना करार सीजन 12 के साथ समाप्त हो चुका है। यह अनुबंध सीजन 8 से सीजन 12 तक प्रभावी था, जिसकी कुल कीमत करीब 905 करोड़ रुपये थी।
रिपोर्टों के अनुसार, खुले बाजार में मीडिया अधिकारों को लेकर कंपनियों की ओर से अधिक रुचि नहीं दिखाई गई। वहीं, वर्तमान ब्रॉडकास्टर ने जो नया प्रस्ताव रखा है, वह पिछले अनुबंध की तुलना में लगभग आधा है। वित्तीय रूप से भारी नुकसान से बचने और एक टिकाऊ व्यावसायिक मॉडल तैयार करने के उद्देश्य से सभी पक्षों ने फिलहाल नए सीजन को टालने और बातचीत को समय देने का फैसला किया है।
फ्रेंचाइजी मालिकों ने खेल मंत्रालय का रुख किया
इस बड़े वित्तीय संकट और असमंजस की स्थिति को देखते हुए प्रो कबड्डी लीग की विभिन्न टीमों के मालिकों ने केंद्रीय खेल मंत्रालय (Sports Ministry) का दरवाजा खटखटाया है। फ्रेंचाइजी मालिकों ने इस मामले में मार्गदर्शन और सहयोग की मांग की है। इससे पहले इंडियन सुपर लीग (Indian Super League – ISL) के फुटबॉल क्लबों ने भी वाणिज्यिक करार को लेकर खेल मंत्रालय से संपर्क साधा था।
मशाल स्पोर्ट्स (Mashal Sports) और एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया (Amateur Kabaddi Federation of India – AKFI) के तत्वावधान में संचालित इस लीग ने पिछले एक दशक में भारत के पारंपरिक खेल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। ऐसे में लीग का एक साल के लिए रुकना फ्रेंचाइजियों, प्रायोजकों और क्लब प्रबंधन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
पीकेएल सीजन 13 से जुड़े अहम बिंदु
- 2026 में आयोजन नहीं: नए प्रसारण समझौते में देरी के कारण पीकेएल सीजन 13 अब जून-जुलाई 2027 की विंडो में आयोजित होने की उम्मीद है।
- 905 करोड़ रुपये का करार खत्म: स्टार इंडिया (जियोस्टार) के साथ पांच साल का पुराना मीडिया अधिकार अनुबंध सीजन 12 के साथ पूरा हो चुका है।
- आधे मूल्य का नया प्रस्ताव: नए ब्रॉडकास्ट सौदे में मौजूदा प्रसारक ने पिछले अनुबंध के मुकाबले करीब आधी राशि की पेशकश की है।
- दबंग दिल्ली के पास खिताब: नई दिल्ली के त्यागराज इंडोर स्टेडियम (Thyagaraj Indoor Stadium) में 31 अक्टूबर 2025 को खेले गए पिछले फाइनल में दबंग दिल्ली केसी (Dabang Delhi K.C.) ने पुणेरी पल्टन (Puneri Paltan) को 31-28 से हराकर ट्रॉफी जीती थी।
- मंत्रालय से मार्गदर्शन की मांग: स्थिति को सुलझाने के लिए फ्रेंचाइजी मालिकों ने केंद्रीय खेल मंत्रालय से दिशा-निर्देश मांगे हैं।
खिलाड़ियों और प्रशंसकों पर पड़ेगा गहरा असर
साल 2014 में शुरू हुई प्रो कबड्डी लीग ने देश भर में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बाद सबसे ज्यादा देखे जाने वाले घरेलू खेल मंच के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों के सैकड़ों ग्रामीण और उभरते हुए खिलाड़ियों को इस टूर्नामेंट ने राष्ट्रीय पहचान, वित्तीय संबल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने का अवसर दिया है।
आम तौर पर सीजन शुरू होने से दो से तीन महीने पहले खिलाड़ियों की नीलामी आयोजित की जाती है। 2026 में टूर्नामेंट न होने से न केवल युवा और घरेलू खिलाड़ियों की मैच प्रैक्टिस व कमाई पर सीधा असर पड़ेगा, बल्कि देश भर के करोड़ों कबड्डी प्रशंसकों को भी अपने पसंदीदा खिलाड़ियों की रोमांचक रेड और टैकल देखने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
