भारतीय बैडमिंटन की ध्वजवाहक और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने चार साल के लंबे अंतराल के बाद बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स (BWF World Tour Finals) 2026 के लिए आधिकारिक तौर पर क्वालीफाई कर लिया है। सत्र के इस सबसे प्रतिष्ठित और बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट का आयोजन 9 से 13 दिसंबर 2026 तक चीन के हांगझोउ (Hangzhou) स्थित ओलंपिक स्पोर्ट्स एक्सपो सेंटर में किया जाएगा। सिंधु ने हाल ही में जर्मनी में संपन्न हुए हाइलो ओपन सुपर 500 का खिताब जीतकर अपनी रैंकिंग और अंकों में जोरदार इजाफा किया, जिसकी बदौलत उन्होंने सीजन-एंडिंग चैंपियनशिप का टिकट पक्का कर लिया।
चार साल बाद टूर्नामेंट में वापसी और 2018 का स्वर्णिम इतिहास
सिंधु ने आखिरी बार साल 2021 में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कोर्ट पर कदम रखा था, जहां उन्होंने रजत पदक (उपविजेता) हासिल किया था। हालांकि वह 2022 के संस्करण के लिए भी क्वालीफाई करने में सफल रही थीं, लेकिन पैर की चोट के कारण उन्हें अंतिम समय में टूर्नामेंट से हटना पड़ा था। इसके बाद 2023, 2024 और 2025 में फॉर्म और फिटनेस की समस्याओं के चलते वह कट हासिल करने से चूक गईं। अब 2026 में उन्होंने शानदार निरंतरता का परिचय देते हुए टूर्नामेंट में वापसी की है।
यह पीवी सिंधु के करियर का छठा अवसर होगा जब वह वर्ल्ड टूर फाइनल्स में खेलेंगी। इससे पहले वह 2016 से 2021 के बीच लगातार इस टूर्नामेंट की दावेदार रही थीं। गौरतलब है कि साल 2018 में पीवी सिंधु ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का एकल खिताब जीतने वाली भारत की पहली और एकमात्र शटलर हैं।
2026 के सत्र में शानदार लय: दो खिताब और मजबूत वापसी
31 वर्षीय दिग्गज भारतीय शटलर के लिए साल 2026 खेल के लिहाज से मील का पत्थर साबित हुआ है। चोटों से उबरकर अपनी नई सपोर्ट टीम और कोचों के साथ मैदान पर उतरीं सिंधु ने इस सीजन कई शानदार प्रदर्शन दर्ज किए हैं:
- हाइलो ओपन 2026: जर्मनी में आयोजित इस सुपर 500 टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में सिंधु ने डेनमार्क की लाइन होजमार्क कजर्सफेल्ड्ट (Line Hojmark Kjaersfeldt) को सीधे गेमों में 21-17, 21-18 से मात देकर ट्रॉफी जीती।
- जापान ओपन 2026: सिंधु ने जुलाई में सुपर 750 स्तर के प्रतिष्ठित जापान ओपन का खिताब जीतकर अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर अपनी धमाकेदार वापसी का बिगुल फूंका था।
- फ्रेंच ओपन 2026: सुपर 750 दर्जे के फ्रेंच ओपन में भी उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का स्थान हासिल किया था।
- रैंकिंग में शीर्ष-6 में वापसी: इन निरंतर सफलताओं के बल पर सिंधु ने बीडब्ल्यूएफ महिला एकल रैंकिंग में दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी बनने का गौरव पुनः प्राप्त कर लिया।
हांगझोउ में शीर्ष आठ दिग्गजों के बीच होगी भिड़ंत
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स में साल भर के प्रदर्शन के आधार पर ‘रेस टू फाइनल्स’ रैंकिंग के केवल शीर्ष आठ खिलाड़ियों को ही प्रवेश दिया जाता है। नियमों के अनुसार किसी भी एक देश से अधिकतम दो शटलर ही इस प्रतियोगिता में उतर सकते हैं। पीवी सिंधु के अलावा दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी दक्षिण कोरिया की एन से-यंग (An Se-young), जापान की अकाने यामागुची (Akane Yamaguchi) और चीन की वांग झी यी (Wang Zhiyi) तथा चेन युफेई (Chen Yufei) भी महिला एकल वर्ग में अपनी जगह सुरक्षित कर चुकी हैं।
सिंधु ने हाल ही में अपने फिटनेस दृष्टिकोण पर बात करते हुए कहा था कि वह अपनी उम्र को बाधा नहीं मानती हैं और शरीर की रिकवरी को प्राथमिकता देकर कोर्ट पर अपना शत-प्रतिशत योगदान दे रही हैं। अब हांगझोउ में होने वाले इस महामुकाबले में भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें सिंधु पर टिकी होंगी, जहां वह 2018 के अपने स्वर्णिम इतिहास को दोहराने के इरादे से कोर्ट में उतरेंगी।
