ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित प्रतिष्ठित कलिंगा स्टेडियम (Kalinga Stadium) में 25 से 27 नवंबर तक आयोजित होने वाली पहली बिम्सटेक अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप (BIMSTEC U23 Athletics Championships) के लिए भारत के मजबूत 95 सदस्यीय दल की घोषणा कर दी गई है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (Athletics Federation of India – AFI) और विदेश मंत्रालय (MEA) की संयुक्त पहल से आयोजित हो रही इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रीय प्रतियोगिता में तमिलनाडु के रिकॉर्डधारी युवा धावक नील समराज आर (Neil Samraj R) भारतीय दल की अगुआई करेंगे। इस चैंपियनशिप में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सात देशों के 400 से अधिक उदीयमान एथलीट ट्रैक एवं फील्ड में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने उतरेंगे।
नील समराज और अबिनया पर टिकी रहेंगी पदक की उम्मीदें
हाल ही में चेन्नई में संपन्न हुई 41वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लड़कों के अंडर-18 वर्ग में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर दोहरा स्वर्ण पदक जीतने वाले उभरते धावक नील समराज भारतीय टीम के सबसे बड़े आकर्षण होंगे। वह भुवनेश्वर के ट्रैक पर 100 मीटर, 200 मीटर और 4×100 मीटर रिले स्पर्धाओं में भारतीय चुनौती पेश करेंगे।
महिला वर्ग में भी भारत ने बेहद संतुलित और मजबूत धावकों का चयन किया है, जिसमें प्रतिभाशाली स्प्रिंटर अबिनया राजराजन (Abinaya Rajarajan) प्रमुख चेहरा होंगी। घोषित 95 सदस्यीय भारतीय टीम में 48 पुरुष और 47 महिला एथलीट शामिल किए गए हैं। इन खिलाड़ियों का चयन हाल ही में संपन्न हुई छठी नेशनल अंडर-23 चैंपियनशिप और नेशनल जूनियर मीट के प्रदर्शन के आधार पर किया गया है।
सात देशों के बीच दिखेगा रोमांचक मुकाबला
इस ऐतिहासिक खेल आयोजन में मेजबान भारत के अलावा बिम्सटेक समूह के छह अन्य सदस्य देश शिरकत कर रहे हैं। इनमें श्रीलंका (Sri Lanka), थाईलैंड (Thailand), नेपाल (Nepal), भूटान (Bhutan), बांग्लादेश (Bangladesh) और म्यांमार (Myanmar) शामिल हैं। कलिंगा स्टेडियम का अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक ट्रैक इन युवा एथलीटों को उच्चस्तरीय प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव प्रदान करेगा।
इस प्रतियोगिता का मुख्य ध्येय दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच आपसी खेल सहयोग को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय प्रतिभाओं की पहचान करना है। भारतीय खेल विश्लेषकों का मानना है कि एशियाई खेलों और ओलंपिक जैसी वैश्विक प्रतियोगिताओं की राह देख रहे देश के उदीयमान एथलीटों के लिए यह टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय दबाव को झेलने और पोडियम फिनिश की आदत डालने का बेहतरीन मंच साबित होगा।
प्रतियोगिता का प्रारूप और मुख्य स्पर्धाएं
तीन दिनों तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ में महिला और पुरुष दोनों श्रेणियों में 14-14 व्यक्तिगत स्पर्धाओं के अलावा रिले रेस का आयोजन किया जाएगा। भारतीय टीम की प्रमुख विशेषताओं और स्पर्धाओं पर एक नजर:
- स्प्रिंट दौड़: 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ में भारतीय धावकों से कई स्वर्ण पदकों की प्रबल उम्मीद है।
- मध्यम और लंबी दूरी: 800 मीटर, 1500 मीटर और 5000 मीटर स्पर्धाओं में देश के शीर्ष जूनियर खिलाड़ी दम दिखाएंगे।
- बाधा दौड़: पुरुषों की 110 मीटर हर्डल्स और 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धाओं में कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं।
- फील्ड इवेंट्स: हाई जंप, लॉन्ग जंप, ट्रिपल जंप और थ्रो स्पर्धाओं में भी भारतीय एथलीट अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित करने उतरेंगे।
- रिले टीम: पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 4×100 मीटर तथा 4×400 मीटर रिले टीमें खिताब की मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं।
भविष्य के ओलंपिक सितारों के लिए अहम पड़ाव
भारतीय एथलेटिक्स ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पटल पर असाधारण प्रगति की है। जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने की मुहिम अब रंग ला रही है, जिसका प्रमाण राष्ट्रीय स्तर पर लगातार टूटते रिकॉर्ड हैं। घरेलू दर्शकों के भारी समर्थन के बीच कलिंगा स्टेडियम में उतरने जा रही भारतीय अंडर-23 टीम न सिर्फ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करने के इरादे से उतरेगी, बल्कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के रोडमैप में अपनी मजबूत उपस्थिति भी दर्ज कराएगी।
