चेन्नई ओपन: 17 वर्षीय माया राजेश्वरन WTA क्वार्टर फाइनल में, रचा इतिहास

भारतीय महिला टेनिस के लिए चेन्नई से एक ऐतिहासिक और गौरवशाली खबर सामने आई है। तमिलनाडु के चेन्नई स्थित नुंगमबक्कम के एसडीएटी टेनिस स्टेडियम (SDAT Tennis Stadium) में खेले जा रहे डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन (WTA 250 Chennai Open) में भारत की 17 वर्षीय खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती (Maaya Rajeshwaran Revathi) ने महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर नया इतिहास रच दिया है। माया ने बुधवार रात खेले गए प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पोलैंड की वेरोनिका फाल्कोवस्का (Weronika Falkowska) को सीधे सेटों में 6-4, 6-3 से मात दी। इस शानदार जीत के साथ माया पिछले 14 वर्षों में किसी डब्ल्यूटीए टूर-स्तरीय एकल प्रतियोगिता के अंतिम-8 में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।

सानिया मिर्जा के ऐतिहासिक क्लब में बनाई जगह

माया राजेश्वरन से पहले साल 2012 में दिग्गज भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा (Sania Mirza) ने पटाया ओपन में डब्ल्यूटीए एकल क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। बीते 14 सालों में कोई भी भारतीय महिला एकल खिलाड़ी इस स्तर तक नहीं पहुंच सकी थी। अब कोयंबटूर की रहने वाली 17 वर्षीय माया ने यह सूखा समाप्त करते हुए सानिया मिर्जा और शिखा उबरोई (Shikha Uberoi) जैसे चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों के विशेष क्लब में अपनी जगह दर्ज करा ली है। टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रवेश पाने वाली माया वर्तमान में विश्व रैंकिंग में 669वें पायदान पर हैं, जबकि उनकी विरोधी फाल्कोवस्का 277वें स्थान पर थीं।

वेरोनिका फाल्कोवस्का के खिलाफ जोरदार वापसी

मुकाबले की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले सेट में दोनों ओर से सर्विस ब्रेक हुईं और एक समय पोलिश खिलाड़ी 4-2 से आगे थीं। इसके बाद भारतीय किशोरी ने जबर्दस्त संयम और आक्रामकता का परिचय देते हुए लगातार चार गेम जीते और पहला सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे सेट में भी माया ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने सटीक सर्व और बेसलाइन से शानदार रिटर्न के दम पर मैच में फाल्कोवस्का को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया। दूसरे सेट में तीन बेहतरीन ऐस जड़ने के बाद माया ने अपनी तीसरी मैच प्वाइंट पर 6-3 से सेट और मैच समाप्त कर लिया।

लगातार दो बड़े उलटफेर से चौंकाया

चेन्नई ओपन में माया का यह लगातार दूसरा बड़ा उलटफेर है। इससे ठीक 24 घंटे पहले पहले दौर के रोमांचक मुकाबले में उन्होंने आठवीं वरीयता प्राप्त और विश्व की 115वें नंबर की पोलिश खिलाड़ी कातारजिना कावा (Katarzyna Kawa) को 6-4, 2-6, 7-6 से हराकर सबको स्तब्ध कर दिया था। इसके बाद थकान की परवाह किए बिना उन्होंने दूसरे दौर में भी अपना दबदबा साबित किया।

  • ऐतिहासिक उपलब्धि: सानिया मिर्जा (2012) के बाद डब्ल्यूटीए टूर स्तर के एकल क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।
  • उम्र और रैंक: महज 17 साल की उम्र और विश्व रैंकिंग 669 होने के बावजूद शीर्ष-300 की खिलाड़ियों को सीधे सेटों में शिकस्त दी।
  • शानदार अभियान: पहले दौर में टूर्नामेंट की आठवीं वरीय कातारजिना कावा और दूसरे दौर में वेरोनिका फाल्कोवस्का को बाहर का रास्ता दिखाया।

दबाव मुक्त होकर खेलने का मिला फायदा

जीत के बाद अपनी भावनाएं साझा करते हुए युवा स्टार माया राजेश्वरन ने कहा कि वाइल्ड कार्ड मिलने के कारण उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं था। उन्होंने कहा कि वह केवल अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर रही थीं और भारत जैसे देश में खिलाड़ियों को पहचान मिलना बहुत सुखद अनुभव है, लेकिन उनका असली काम कोर्ट पर अच्छा प्रदर्शन करना है। अब क्वार्टर फाइनल में माया का सामना अमेरिका की 22 वर्षीय बाएं हाथ की खिलाड़ी रॉबिन मोंटगोमरी (Robin Montgomery) से होगा, जो पहले ही जूनियर अमेरिकी ओपन चैंपियन रह चुकी हैं।”

स्रोत: wtatennis.com, indiantennisdaily.com, rediff.com, dtnext.in, wikipedia.org