यूथ ओलंपिक 2026: तन्वी पत्री ने रचा इतिहास, बैडमिंटन फाइनल में बनाई जगह

सेनेगल की राजधानी डकार में आयोजित यूथ ओलंपिक गेम्स 2026 (Youth Olympic Games 2026) में भारत की 15 वर्षीय युवा शटलर तन्वी पत्री (Tanvi Patri) ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। बुधवार को खेले गए महिला एकल वर्ग के कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में तन्वी ने जापान की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी युजुनो वातानाबे (Yuzuno Watanabe) को 21-14, 11-21, 21-19 से पराजित कर स्वर्ण पदक के मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली। इसके साथ ही तन्वी यूथ ओलंपिक के इतिहास में बैडमिंटन स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला शटलर बन गई हैं। इस शानदार जीत के साथ उन्होंने देश के लिए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर दिया है।

54 मिनट तक चले रोमांचक मैच में दिखाया संयम

भारतीय बैडमिंटन संघ (Badminton Association of India – BAI) के अनुसार, डकार एरेना (Dakar Arena) में खेला गया यह सेमीफाइनल मुकाबला पूरे 54 मिनट तक चला। मुकाबले के पहले गेम में तन्वी ने जोरदार शुरुआत की और अपनी गति तथा सटीक प्लेसमेंट के दम पर वातानाबे को बैकफुट पर रखा। भारतीय शटलर ने शुरुआती बढ़त बनाए रखते हुए पहला गेम आसानी से 21-14 से अपने नाम कर लिया।

हालांकि, दूसरे गेम में जापानी शटलर ने जबरदस्त वापसी की। वातानाबे ने रैलियों को लंबा खींचा और तन्वी को कोर्ट पर लगातार दौड़ाया, जिससे भारतीय खिलाड़ी से कुछ सहज गलतियां हुईं। जापानी खिलाड़ी ने दूसरा गेम 21-11 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच सांस थाम देने वाला संघर्ष हुआ। एक-एक अंक के लिए कांटे की टक्कर रही, लेकिन अहम मौकों पर तन्वी ने धैर्य बनाए रखा और बेहतरीन ड्रिबल व आक्रामक स्मैश की मदद से निर्णायक गेम 21-19 से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया।

तन्वी के ऐतिहासिक सफर के मुख्य बिंदु

  • पहला महिला एकल पदक: तन्वी यूथ ओलंपिक में महिला एकल बैडमिंटन का पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनेंगी।
  • चौथे भारतीय शटलर: उनसे पहले केवल तीन पुरुष खिलाड़ी—एचएस प्रणय (2010 में रजत), लक्ष्य सेन (2018 में रजत) और आदित्य जोशी (2014 में सेमीफाइनल) ही इस प्रतियोगिता के अंतिम चार में पहुंचे थे।
  • क्वार्टर फाइनल में एकतरफा जीत: सेमीफाइनल से पहले तन्वी ने क्वार्टर फाइनल मैच में थाईलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त कनकनव ककानिक (Kungkaew Kakanik) को सीधे गेम में 21-17, 21-13 से शिकस्त दी थी।
  • ग्रुप चरण में शीर्ष स्थान: ग्रुप एफ में तन्वी ने ऑस्ट्रेलिया की स्मृति अदेपु, दक्षिण कोरिया की जेयोंग यू जांग और मेक्सिको की सारा डेलगाडो को हराकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।

स्वर्ण पदक के लिए चीन की विश्व चैंपियन से होगी भिड़ंत

अब गुरुवार को खेले जाने वाले फाइनल मुकाबले में ओडिशा की रहने वाली तन्वी का सामना चीन की स्टार खिलाड़ी यि शिन झांग (Yi Xin Zhang) से होगा। चीनी शटलर झांग ने हाल ही में विश्व जूनियर चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीता है। दोनों के बीच इससे पहले एशिया जूनियर चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में आमना-सामना हुआ था, जहां भारतीय खिलाड़ी को 18-21, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा था। अब तन्वी के पास उस हार का हिसाब चुकता कर स्वर्ण पदक जीतने का ऐतिहासिक अवसर होगा।

बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ बैडमिंटन एक्सीलेंस में प्रशिक्षण लेने वाली तन्वी इससे पहले महाद्वीपीय स्तर पर अंडर-15 और अंडर-17 दोनों खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन चुकी हैं। फाइनल में पहुंचने के बाद तन्वी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए बेहद गर्व की बात है और वह फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।