टैमर बॉक्सिंग टूर्नामेंट: भारत ने जीते 14 पदक, तालिका में शीर्ष पर

टैमर बॉक्सिंग टूर्नामेंट: भारत ने जीते 14 पदक, तालिका में शीर्ष पर

फिनलैंड के टैम्पेयर शहर में आयोजित 46वें इंटरनेशनल टैमर बॉक्सिंग टूर्नामेंट (Tammer Tournament 2026) में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए इतिहास रच दिया है। भारत के 14 सदस्यीय मुक्केबाजी दल ने कुल 14 पदक अपने नाम किए, जिनमें 4 स्वर्ण, 2 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के दम पर भारतीय दल पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर रहा। टूर्नामेंट का आयोजन टैम्पेयर बॉक्सिंग एसोसिएशन द्वारा वर्ल्ड बॉक्सिंग (World Boxing) के नियमों के तहत किया गया।

महिला मुक्केबाजों का शानदार पंच, जीते तीन स्वर्ण पदक

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने प्रतियोगिता में असाधारण कौशल का मुजाहिरा किया। महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अरुंधति चौधरी (Arundhati Chaudhary) ने कड़े फाइनल मुकाबले में आयरलैंड की एवलिन इवि इघारो (Evelyn Ivie Igharo) को 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

वहीं महिलाओं के 54 किग्रा भार वर्ग में आरती धारियाल (Aarti Dhariyal) ने एकतरफा खेल दिखाते हुए स्कॉटलैंड की स्टेफनी केरनाचन (Stephanie Kernachan) को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से परास्त कर सोने का तमगा जीता। इसके अलावा 65 किग्रा वर्ग में अंकुशिता बोरो (Ankushita Boro) ने इंग्लैंड की एला थॉम्पस्टोन (Ella Thompstone) को 4-1 से हराकर भारत की झोली में तीसरा महिला स्वर्ण पदक डाला।

पुरुष वर्ग में पवन बर्तवाल चमके, दो रजत पदक भी खाते में

पुरुषों के मुकाबले में 55 किग्रा वर्ग में पवन बर्तवाल (Pawan Bartwal) ने बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में आयरलैंड के लुईस रूनी (Louis Rooney) को मात देकर भारत का स्वर्णिम अभियान पूरा किया।

भारत को दो रजत पदक भी प्राप्त हुए। महिला वर्ग के 57 किग्रा भार वर्ग में जैस्मीन लंबोरिया (Jaismine Lamboria) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दूसरी ओर पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में अनुभवी मुक्केबाज मोहम्मद हुसामुद्दीन (Mohammed Hussamuddin) ने रजत पदक हासिल किया।

टूर्नामेंट में भारतीय प्रदर्शन के प्रमुख बिंदु

  • कुल 14 पदक: भारत के सभी 14 मुक्केबाजों ने पोडियम पर जगह बनाई और 4 स्वर्ण, 2 रजत व 8 कांस्य पदक जीते।
  • चार स्वर्ण पदक विजेता: अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), आरती धारियाल (54 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा) और पवन बर्तवाल (55 किग्रा)।
  • दो रजत पदक विजेता: जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा महिला) और मोहम्मद हुसामुद्दीन (60 किग्रा पुरुष)।
  • आठ कांस्य पदक विजेता: पुरुषों में विवेक मीना (65 किग्रा), हितेश (70 किग्रा), अक्षय (80 किग्रा), बोबिन चौहान (90 किग्रा) और चेतन चौधरी (90+ किग्रा); वहीं महिलाओं में तनु (51 किग्रा), दिशा पाटिल (60 किग्रा) और इमरोज खान (75 किग्रा)।

भारतीय मुक्केबाजी के लिए अहम पड़ाव

साल 1977 से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला प्रतिष्ठित टैमर टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युवा और बेंच स्ट्रेंथ मुक्केबाजों को अपनी क्षमता साबित करने का बेहतरीन मंच प्रदान करता है। भारतीय दल ने इस बार ओलंपिक भार वर्गों के अपने उभरते मुक्केबाजों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिलाने के उद्देश्य से मैदान में उतारा था। सभी मुक्केबाजों द्वारा पदक जीतना और भारत का शीर्ष पर पहुंचना देश में मुक्केबाजी के भविष्य के लिहाज से बेहद सकारात्मक संकेत है।